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22 मार्च 2016

जब पढने में मन न लगे तो क्या करे

By: Successlocator On: मार्च 22, 2016
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  • दोस्तो ,
    अकसर प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी करने वाले प्रतियोगियों के सामने यह समस्या आती है ,कि पढाई में मन नही लगता है । मगर पढना प्रतियोगी परीक्षा के लिए बहुत जरुरी है । तो मेरे अनुभव और विचार से तो सबसे पहले पढाई में मन न लगने के कारन का पता लगाना चाहिए कि आखिर पढाई में मन क्यों नही लग रहा है ?
    मेरे विचार से कुछ सामान्य कारण ये हो सकते है :-
    १- पढाई का उपयुक्त माहौल का न होना ।
    २- पढने का उचित समय का न होना ।
    ३- पढने के लिए उपयुक्त सामग्री का न होना ।
    ४- उचित मार्गदर्शन का न होना ।
    ५-अन्य कार्यो से व्यवधान ।
    ६- एकाग्रता की कमी होना ।
    ७- दृढ निश्चय का अभाव।
    मेरे ख्याल से उपरोक्त सामान्य कारणों से सामान्यतः प्रतियोगी पढ़ नही पाते है , इनके अलावा भी कुछ अन्य विशेष कारण हो सकते है , जो अलग अलग लोगो के लिए अलग हो सकते है । आज हम इन्ही सामान्य कारणों की चर्चा करते है । इन कारणों में सबसे महत्वपूर्ण कारण जो है , वो है उचित मार्गदर्शन का न होना । उचित मार्गदर्शन का प्रतियोगी परीक्षाओ में अति महत्वपूर्ण स्थान है । जैसे आपको अगर दिल्ली जाना है , और आपको सही रास्ता मालूम नही , अगर आपको सही मार्गदर्शक नही मिला तो हो सकता है , कि आप किसी तरह से दिल्ली पहुच भी जाये मगर इसमें आपका बहुत सारा समय और धन खर्च हो सकता है । मगर सही मार्गदर्शक मिलने पर आप समय के साथ धन भी बचा सकते है , और अपनी मंजिल पर सही वक़्त पर पहुच सकते है । अतः सही ढंग से तैयारी शुरू करने के लिए एक उपयुक्त मार्गदर्शक अतिआवश्यक है । कई बार हम मेहनत और प्रयास तो बहुत करते है मगर सफलता नही मिलती है , दूसरी तरफ कुछ लोग कम मेहनत और कुछ प्रयास में ही सफल हो जाते है । इसका कारण उनका सही दिशा में सार्थक प्रयास होता है । जैसे - अगर हम कील को उल्टा पकड़कर कितनी भी जोर से दीवार में ठोंके वह नही ठुक सकती है , वही उसे सीधा कर देने पर वह थोड़े प्रयास से ही आराम से ठुक जाएगी । इसी तरह प्रतियोगी परीक्षा में सही दिशा में सही प्रयास बहुत जरुरी है ।

    इसे भी पढ़ें:पढाई पर अपना ध्यान केंद्रित कैसे करे? PADAI ME DHYAN


    अब हम मूल मुद्दे पर आते है , कि कैसे हम पढाई में मन लगाये : -
    सबसे पहले तो पढने के लिए एक लक्ष्य या उद्देश्य होना जरुरी है , यह हमारे लिए प्रेरक का कार्य करता है । अगर लक्ष्य विहीन है ,तो हमारी सफलता शंकास्पद होगी । अतः एक लक्ष्य होना अति आवश्यक है । एक से अधिक लक्ष्य होने से मन अधिक भटकता है और पढाई में मन नही लगता है ।
    अब लक्ष्य निर्धारण के बाद समुचित तैयारी जरुरी है , अर्थात हमें अपने लक्ष्य के बारे में पूरी जानकारी जुटानी होगी , कि परीक्षा कैसे होगी ?
    सिलेबस क्या है ?
    पैटर्न किस तरह का है ?
    प्रश्न किस तरह के आते है ?
    पाठ्य सामग्री कहाँ से , कैसे मिलेगी ?
    तैयारी की रणनीति क्या होगी ?
    सफलता के लिए कितनी मेहनत जरुरी है ?
    सफल लोगो की क्या रणनीति रही थी ? इत्यादि
    अगर हम इन प्रश्नों के उत्तर प्राप्त कर लेते है तो , हमारी समास्या का आधा समाधान हो जायेगा । अब आधे समाधान के लिए हमें अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करना होगा । मतलब सेल्फ मेनेजमेंट
    यदि हम खुद को सही तरीके से प्रतियोगिता के हिसाब से नही ढाल पाते है, तो सफलता में संदिग्धता होगी । हमें अपनी पढाई का समय और घंटे अपनी क्षमता के अनुसार निर्धारित करने होंगे । और निर्धारित समय सरणी का द्रढ़ता के साथ पालन करना होगा । इसके लिए हम प्रेरक व्यक्तिवो , प्रेरक प्रसंगों, प्रेरक पुस्तकों आदि का सहर ले सकते है ।
    पढाई करते समय ध्यान देने योग्य बाते :-
    १ - पढाई हमेशा कुर्सी-टेबल पर बैठ कर ही करें , बिस्तर पर लेट कर बिलकुल भी न पढ़े । लेटकर पढने से पढ़ा हुआ दिमाग में बिलकुल नही जाता , बल्कि नींद आने लगती है ।
    २ - पढ़ते समय टेलीविजन न चलाये और रेडियो या गाने भी बंद रखे ।
    ३ - पढाई के समय मोबाइल स्विच ऑफ़ करदे या साईलेंट मोड में रखे ," मोबाइल पढाई का शत्रु है "

    ४ - पढ़े हुए पाठ्य को लिखते भी जाये इससे आपकी एकाग्रता भी बनी रहेगी और भविष्य के लिए नोट्स भी बन जायेंगे ।
    ५- कोई भी पाठ्य कम से तीन बार जरुर पढ़े ।
    ६ - रटने की प्रवृत्ति से बचे , जो भी पढ़े उस पर विचार मंथन जरुर करें ।
    ७ - शार्ट नोट्स जरुर बनाये ताकि वे परीक्षा के समय काम आये ।
    ८- पढ़े हुए पाठ्य पर विचार -विमर्श अपने मित्रो से जरुर करें , ग्रुप डिस्कशन पढाई में लाभदायक होता है।

    ९ - पुराने प्रश्न पत्रों के आधार पर महत्वपूर्ण टोपिक को छांट ले और उन्हें अच्छे से तैयार करें ।
    १० - संतुलित भोजन करें क्योंकि ज्यादा भोजन से नींद और आलस्य आता है , जबकि कब भोजन से पढने में मन नही लगता है ,और थकावट, सिरदर्द आदि समस्याएं होती है ।
    ११- चित्रों , मानचित्रो , ग्राफ , रेखाचित्रो आदि की मदद से पढ़े । ये अधिक समय तक याद रहते है ।
    १२- पढाई में कंप्यूटर या इन्टरनेट की मदद ले सकते है
    इसे भी पढ़ें:

    20 फ़र॰ 2016

    सफल लोगों की सोने से पहले की कहानी,

    By: Successlocator On: फ़रवरी 20, 2016
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  • दुनिया में जितने भी सफल लोग होते हैं उनके बारे में बहुत सी बातें कही जाती हैं या सफलता के तमाम तरह के मूलमंत्र गिनाए जाते हैं. अब तक आप सुनते आएं होंगे कि कामयाब होने के लिए जरूरी है सुबह जल्दी उठना. लेकिन सफल होने के लिए रात की क्या योजना होनी चाहिए आएये इस पर बात की जाए.

     * हम आपको बताते हैं दुनिया के कई कामयाब लोग सोने से पहले क्या-क्या करते हैं.

    1.कम से कम एक घंटे तक पढ़ना

    सोने से पहले एक घंटा पढ़ना आपके लिए बेहद जरूरी और फायदेमंद है. क्या आप जानते हैं कि माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के बिल गेट्स भी सोने से पहले एक घंटा किताब पढ़ते हैं. वे वर्तमान घटनाओं और राजनीति पर पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं. इस तरह से आप दिन भर के तनाव से मुक्त हो जाते हैं.

    एक शोध के मुताबिक किताब पढ़ना एक एक अच्छी दिमागी कसरत हो सकती है और ऐसा करने परा दिमाग का तीव्र विकास होता है.

    2. टहलना

    क्या आपको लगता है कि आप बहुत व्यस्त हैं और आप सुबह अपने लिए टहलने का संय भी नहीं मिल पाता. तो इसमें चिंता करने की जरूरत नहीं है. आप रात के समय भी टहल सकती हैं. जरूरी नहीं है कि बहुत ज्यादा टहला जाए. घर में आसपास ही हल्के कदमों से भी टहला जा सकता है.

    बफर की सीईओ जो कि बहुत ही व्यस्त रहती हैं लेकिन वो रात के समय टहलने का समय निकालती ही हैं. इस तरह से तनाव तो कम हो ही जाता है दिमाग की रचनात्मक भी बनी रहती है. इस समय कम से कम काम के बारे में नहीं सोचना चाहिए.

    3. मोबाइल वगैरह से दूर रहना

    दन भर काम करने के बाद आप थक जाते हैं. ऐसे समय में आप मोबाइल या फेसबुक वगैरह से दूर रहना भी चाहते होंगे लेकिन ऐसा करन नहीं पाते हैं. तो आज से आप तय कर लीजिए सोने के लिए जाते समय आप मोबाइल से दूर रहेंगे. ऐसा करने से आप खुद को समय दे पाएंगे. हावार्ड विश्वविद्यालय के डा चार्लस के मुताबिक सेलफोन की तेज रोशनी दिमाग पकर असर कर नींद की प्राकृतिक प्रक्रिया को बाधित करती है और इसकी किरणें त्वचा के माध्यम से शरीर को प्रभावित भी करती हैं. एरिना हफिंगटन का कहना है कि कि जब वो जब वो रात करो थक जाती हैं तो तो वो सबसे अगल थॉलग हो जाती हैं और इससे वो तनाव मुक्त होती हैं.

    4. मेडिटेशन

    सोने से पहले मेडिटेशन करना कितना जरूरी है इससे समझा जा सकता है कि मिस विनफ्रे भी नींद में जाने से पहले मेडिटेशन को समय देती हैं. 2014 में मेडिटेशन से जुड़ा एक सर्वे हुआ है जिसके मुताबिक इससे चिंता अवसाद जैसी दिक्कतें कम हो जाती हैं. दरअसल मेडिटेशनया या ध्यान वास्तव में दिमाग को स्वस्थ रखने का एक अच्छा तरीका है.

    5. रचनातमकता लाएं

    रात में सोने से पहले का समय ऐसा होता है इस समय आप अपनी रचनात्मकता का सबसे अच्छा उपयोग कर सकते हैं. वैरा वैंग के अनुसार वो इस समय को रचनात्मकता को उपयोग करने में लगाती हैं. एलबियन कॉलेज द्वारा किए शोध में कहा गया है कि रात के सोने से पहले का समय रचनात्मक को निखारने के लिए सबसे अच्छा होता है.

    6. अगले दिन की योजना बनाना

    क्या आप कभी ऐसा करते हैं कि बिस्तर में जाकर एक अच्छी नींद लेने से पहले अगले दिन की योजना भी बना लेते हों. अमेरिकन एक्सप्रेस के सीईओ का कहते हैं कि वे सोने से पहले आने वाले दिन की योजना बना लेना पसंद करते हैं और अगले दिन सुबह अपना काम सही समय पर शुरू कर देते हैं.

    8 नव॰ 2015

    समय का महत्व

    By: Successlocator On: नवंबर 08, 2015
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  • Importance Of Time Management In Hindi | समय का महत्व

    Importance Of Time Management In Hindi
    समय का महत्व

    Importance Of Time Management In Hindi

    मान लीजिये कोई बैंक रोज सुबह आपका Account 86,400 Rs. से Credit करती है. जो दिन में इस से ज्यादा Carry नहीं करती. हर शाम को वो अपने सारे Balance के उस भाग को निकाल देती है जिनका उस दिन लोगो ने उपयोग नहि किया.
    अब आप क्या करोगे?
    निच्छित ही पुरे पैसे निकाल लोंगे.. हम में से हर किसी के पास ऐसी एक बैंक है. जिसका नाम है- “समय”.
    हर सुबह वो आपको 86,400 Seconds देता है. हर रात उन सभी Seconds को वापिस ले लेता है जिसको आपने किसी अच्छे काम के लिए Use नहीं किया. उस समय आपके पास कोई Balance (समय) नहीं होता. और समय आपको Overdraft की भी सुविधा नहीं देता. हर सुबह वो आपके लिए नया Account खोलता है. और हर रात को बचा हुआ समय जला (नष्ट करना) देता है. अगर आप उस समय का उपयोग करने में असफल हुए तो उसमे आप ही का नुकसान है.
    इसमें आप पीछे भी नहीं जा सकते. और आप कल के लिए, आज Drawing (समय की मांग) नहीं कर सकते. आपको हमेशा आज ही के Deposit पर वर्तमान में ही रहना होगा. हमें अपने समय का सदुपयोग कर के अच्छी सेहत, ख़ुशी, और सफलता प्राप्त करनी चाहिये.
    घडी हमेशा चलती रहती रहेगी. इसलिए इस समय जो आपके पास है उसमे ज्यादा से ज्यादा प्राप्त करने की कोशिश करे.
    जरुर पढ़े :-  Time Management in Hindi – टाईम मैनेजमेंट
    1) एक साल का महत्त्व जानना हो तो, उस विद्यार्थी से पूछिए जो SSC परीक्षा में Fail हुआ.
    2) एक महीने का महत्त्व जानना हो तो, उस माँ से पूछिए जिसने नवजात शिशु को जन्म दिया.
    3) एक हफ्ते का महत्व जानना हो तो, साप्ताहिक पत्रकार के Editor से पूछिए.
    4) एक घंटे का महत्त्व जानना हो तो, उस प्रेमी से पूछिए जो मिलने के लिए इंतजार कर रहा हो.
    5) एक मिनट का महत्त्व जानना हो तो, जिसकी ट्रेन छूटी है उस से पूछिए.
    6) एक सेकंड का महत्त्व जानना हो तो, उस व्यक्ति से पूछिए जिसका Accident होते-होते रह गया.
    7) एक मिलिसेकंड का महत्त्व जानना हो तो, उस व्यक्ति से पूछिए जिसने Olampics में सिल्वर मेडल जीता है.
    आपके पास का हर एक क्षण खजाने के स्वरुप है, हमें उसका सदुपयोग करना चाहिये और किसी अच्छे के साथ बाटना चाहिये और उतना ही समय खर्च करना चाहिये जितने की जरुरत हो. और एक बात हमेशा याद रखनी चाहिये की- “समय किसी का इंतजार नहीं करता”.

    17 अक्टू॰ 2015

    सफल बनने के लिए समय खरीदना सीखें

    By: Successlocator On: अक्टूबर 17, 2015
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  • सफल बनने के लिए समय खरीदना सीखें



    दोस्तों !!! आजकल Life इतनी Fast होती जा रही है कि सभी लोग Life में एक दूसरे से आगे निकलने की लगातार कोशिश कर रहे हैं और इस लगातार कोशिश के कारण लोगों ने Life को इतना Busy बना लिया है कि उन्हें दिन के 24 घंटे भी कम लगने लगे है। आजकल बहुत से लोगों के पास पैसा तो बहुत है लेकिन समय की कमी है , वह सोचते हैं कि यदि उनके पास और समय होता तो वह और ज्यादा पैसा कमा पाते लेकिन यह बात भी सत्य है कि 24 घंटे से ज्यादा किसी को नहीं मिल सकते।

    एक चीनी कहावत  में यह कहा गया है कि "एक इंच सोने से भी एक इंच समय नहीं खरीदा जा सकता।" लेकिन क्या ये कहावत सही है ??? क्या हम समय को नहीं खरीद सकते ???  मेरा मानना है कि आप समय को खरीद सकते है। लोग अपने कुछ काम Pending में रखकर समय को बचाते हैं ताकि कुछ जरूरी दूसरे काम कर सकें लेकिन इस तरीके से फायदा होने की बजाए नुकसान होता है क्योकि जो काम Pending में रखे जाते है वह समय से पूरे नहीं हो पाते। अतः मेरा मानना है कि हम लोगों को समय बचाने की जगह समय खरीदना सीखना चाहिए। समय खरीदने से न ही कोई काम Pending में रखना पड़ता है और न ही समय  कमी महसूस होती है। समय को खरीदकर हम जितने चाहे काम पूरे कर सकते हैं।


    time and money
    सफल बनने के लिए समय खरीदना सीखें



    आपका एक घंटे का मूल्य कितना है ???

    समय को खरीदना सीखने से पहले आपको अपने एक घंटे के मूल्य का पता लगाना होगा। इसके लिए आप एक फॉर्मूले की सहायता से अपने एक घंटे का मूल्य जान सकते हैं और वह फॉर्मूला है.…

    आपके एक घंटे का मूल्य = आपकी महीने की आमदनी / काम के घंटे

    यानी आप अपनी आमदनी को काम के घंटों से भाग (Divide) करते हैं तो आप अपने एक घंटे का मूल्य जान सकते हैं। 
    उदहारण  के लिए यदि आप प्रत्येक महीने 40000 रुपये कमाते है और इसके लिए आपको महीने में 200 घंटे काम करना होता है तो आपके एक घंटे का मूल्य होगा 40000 /200 = 200 रुपये। इस तरह आप भी अपने एक घंटे मूल्य जान सकते है। 


    समय को कैसे खरीदा जा सकता है ???

    यदि आपने अपने एक घंटे  मूल्य जान लिया है तो अब आप समय को खरीद सकते है। उदहारण  के लिए यदि आपके एक घंटे का मूल्य 200 रुपये है और यदि आपको बैंक में पैसे जमा करने जाना है और इस काम के लिए आपको एक घंटे का समय चाहिए तो यह समझ लीजिये कि यदि आप पैसे जमा करने जाते हैं तो आपको 200 रुपये का नुकसान होगा।  अब यदि आप यही काम किसी को 50 रुपये देकर करवा लेते हैं तो आपको अब 150 रूपये का फायदा होगा यानी इस तरीके से आपने किसी दूसरे व्यक्ति का एक घंटे का समय खरीद लिया। कंपनियों के मालिक भी यही करते हैं। जरा सोचें कि कंपनी का मालिक न तो अपनी कंपनी में बनने वाले Products को बनता है और न ही खुद बेचता है लेकिन मुनाफा उसी की जेब में जाता है। कंपनी का मालिक अपने कर्मचारियों को Pay देकर उन्हें काम करवाता है यानी कंपनी का मालिक दूसरों का समय खरीद लेता है।

    आपको समय खरीदने की ज्यादा से ज्यादा कोशिश करनी चाहिए। उदहारण  के लिए आप पैसेंजर ट्रेन में यात्रा करना पसंद करेंगे या सुपरफास्ट ट्रेन में ??? जाहिर है कि यदि आप एक Busy Person हैं तो आप सुपरफास्ट ट्रेन में यात्रा करना पसंद करेंगे। इसके लिए आप सुपरफास्ट ट्रेन का महंगा टिकट ख़रीदेंगे न कि पैसेंजर ट्रेन का सस्ता टिकट खरीदेंगे। यहाँ आपका उद्देश्य ज्यादा पैसे देकर समय को खरीदना होगा। यदि आपका समय और ज्यादा कीमती है तो आप सुपरफास्ट ट्रेन की जगह हवाई जहाज से यात्रा कर सकते हैं।

    पैसों से समय खरीदने का ये तरीका आज पूरे संसार में अपनाया जाता है। बड़ी बड़ी कंपनियों के मालिक इस तरीके का बहुत फायदा उठाते हैं। बहुत सी विदेशी कंपनियाँ पैसे देकर अपना काम भारतीय कंपनियों से सस्ते में करवाती हैं यानी वह पैसे देकर भारतीय कंपनियों का समय खरीद लेती है।

    आपने अनेक बार ये देखा होगा कि Busy Person या Rich Person कभी भी किसी Shop से मोलभाव नहीं करते हैं क्योकि उनका समय बहुत कीमती होता है। उदहारण  के लिए यदि किसी Busy Person के एक घंटे का मूल्य 500 रूपये है और यदि वह Shopping करते समय एक घंटे मोलभाव करके यदि 300 रुपये बचा भी लेता है तो वह कुल मिलकर 200 रुपये नुकसान में ही रहेगा। अतः busy person अपने एक घंटे के मूल्य जानता है और इसी वजह से Shopping के समय मोलभाव करने से बचता है।


    समय खरीदने के तरीके से किसको परेशानी होती है ???

    समय खरीदने के तरीकों से सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगो को होती है जो अपना काम जरूरत पड़ने पर भी दूसरों से नहीं करवाते क्योकि वह प्रत्येक काम खुद ही करना पसंद करते हैं। वह पैसे बचाने के चक्कर में छोटे छोटे काम खुद ही करते हैं। इस आदत से कभी कभी उनके Important Work भी रुक जाते हैं और उन्हें घाटे का सामना करना पड़ता है।

    आजकल के आधुनिक समय में समय को खरीदना एक जरूरत बनता जा रहा हैं।  अतः समय को खरीदने के नए नए तरीकों को अपनाना चाहिए। बहुत से ऐसे काम होते है जो दूसरों को पैसे देकर कराये जा सकते है और यदि किसी का समय खरीदने से आपके पास समय बचता है और आप पैसे भी बचा पाते हैं तो आपको समय जरुर खरीदना चाहिए। जॉर्ज रॉबर्ट गिसिंग के इन शब्दों को हमेशा ध्यान रखिए "समय ही धन है लेकिन यदि आप इसे उलट देते हैं तो एक मूल्यवान सत्य का पता चलता है कि धन ही समय है। "