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18 फ़र॰ 2017

बिज़नस करने के लिए खुद के पास पैसा होना जरुरी नहीं।

By: Successlocator On: फ़रवरी 18, 2017
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  • दोस्तों,जब भी आप बिज़नस का नाम सुनते है तो आपके मन में सबसे पहले तो यही ख्याल आता है,अम्बानी ,टाटा ,बिरला इत्यादि।उनके सामने हम अपने को आसपास भी नही पाते और सोचते है बिज़नस तो पैसे वाले ही कर सकते है पर हम भूल जाते है कि उनकी शुरुआत छोटे से ही की थी और वो हम जैसे ही थे , अब वे जिन बुलंदियों पर है वह शुरुआत में की गई कड़ी मेहनत का परिणाम है। कुछ मोटीवेट करने वाले लोग मिलते है तब जैसे तैसे आप बिज़नस का प्लान तो बना लेते है फिर आप सोंचते है पैसा तो है नहीं तो बिज़नस कहा से करेंगे ,और यही सोचकर आप अपने अच्छे खासे प्लान को समाप्त कर देते हो।आप सोचते है कि कुछ साल जॉब करके पैसे इकठ्ठा हो जायेंगे फिर बिज़नस करेगे और इस तरह आप फिर से अपनी दिनचर्या में व्यस्त हो जाते है,फिर किसी दिन जॉब से परेशांन होकर या किसी हमउम्र की सफलता देखकर फिर प्लान बनाते है ,उस प्लान का भी वही हाल होता है।

    ये मत समझिये की ये सिर्फ आपकी समस्या है आजकल सबकी यही समस्या है।क्योंकि ये हमें विरासत में मिला है ,हमारे पिताजी,दादाजी,मतलब हमारे परिवार में किसी ने भी बिज़नस के बारे में सोचा ही नही बस इसी वजह से उन्होंने सोचा अपने बच्चों को इंजीनियर या डॉक्टर बना देते है,अच्छी जॉब मिल जायेगी और सेट हो जाएंगे।और इस प्रकार वही विरासत हम अपने बच्चों को भी देते है।अब हमें वो सोच बदलनी है अपने सपनो को पूरा करने के लिए नाकि जॉब करके दुसरो के सपनो को पूरा करने के लिए।
    अब  मैं दोस्तों अपने मुख्य बिंदु पर आता हूं,की
     "बिज़नस करने के लिए खुद के पास पैसा होना जरुरी नहीं"
    है दोस्तों ये सत्य है क्योंकि पुरानी बातें हो गयी की खुद के पास पैसा नही तो व्यापर नही,पर दोस्तों आज का समय कहता है "बिज़नस तो दूसरों के पैसो से होता हे खुद के पैसो से तो इन्वेस्टमेंट होती है"और उसी को बिज़नस मेन कहते है।और वो कैसे वो भी मैं आपको अपनी इस पोस्ट में बताऊंगा।

    पैसा नहीं तो बिज़नस कैसे करे:-
    आजकल आपने सुना होगा की हर बिजनेसमैन अपना बिज़नस सेट करने के लिए खुद के पास पैसे होते हुए भी लोन लेता है,ये सबसे बढ़िया तरीका है बिज़नस करने का जी हा आपने सही पढ़ा लोन,लोन का नाम सुनकर घबराने की जरुरत नहीं है यदि अच्छा बिज़नस प्लान है तो लोन (कर्ज सरकार द्वारा)  लेने में डरना नहीं चाहिए क्योंकि आज कल सरकार बहुत प्रकार की योजनाएं चला रही है जिससे किसी व्यक्ति को बिज़नस में पैसो की समस्या न आये और कम ब्याज दरों में लोगो को लोन मिल पाए।हमें ऐसे ही स्कीमो का फायदा उठाना चाहिए क्योंकि न कर्ज का ज्यादा दबाब और न ही झिक झिक ,सबसे सेफ तरीका है। दूसरा तरीका है अपने प्लान को अपनी ही विचारधार वाले दोस्तों के समक्ष प्रस्तुत करे और उनसे इन्वेस्ट करने को कहे,।
    (पर मैं सबसे बढ़िया आईडिया लोन को ही मानूँगा क्योंकि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में आपको वगैर गौरेन्टर और वगैर प्रॉपर्टी पेपर शो किये लोन आपके बिज़नस आईडिया बेस पर मिलता है)उसमे कुछ मार्जिन मनी भी रहती है उसे आप अपने बिज़नस के लिए किये हुए कार्यो को शो करके दिखा सकते है या किसी से लोन मिलने तक उधार ले सकते है।
    दोस्तों आपको हमारी पोस्ट कैसी लगी कमेंट में जरूर बताये और कोई भी सवाल कमेंट में पूछ सकते हैं।

    23 जन॰ 2017

    कामयाब बिजनेसमैन कैसे बने सफल व्यवसायी बनने के टिप्स- HOW TO BECOME A SUCCESSFUL BUSINESSMAN

    By: Successlocator On: जनवरी 23, 2017
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  • एक कामयाब बिज़नसमैन बनना कौन नहीं चाहता है कामयाबी हर किसी को पसंद होती है लेकिन सफलता हर किसी को नहीं मिलती. हम में से बहुत से लोगो ने कभी न कभी अपना व्यवसाय शुरू करने का सपना तो अवश्य ही देखा होगा और ये सोचा होगा की क्या हमारे लिए बिज़नस करना सही होगा या नहीं. कोई भी काम शुरू करना इतना आसान नहीं होता है जितना की हमें लगता है.
    कामयाब व्यवसायी बनने के लिए शिक्षा और कौशल क्या होना चाहिए(what is the qualification of business

    वैसे तो कोई भी व्यापार करने के लिए कोई कास डिग्री की जरूरत नहीं होती है कोई भी बिज़नेस शुरू करने के लिए या अपने बिज़नेस ज्ञान को बढ़ाने के लिए आप बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और मास्टर ऑफ़ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन कर सकते है.

    एक सफल व्यवसायी (businessman) बनने के लिए क्या गुण होने चाहिए(Qualities of successful businessman)

    सफल व्यवसायी बनने के लिए आपमें निर्णय लेने की क्षमता होनी चाहिए(Quality to take decision)


    किसी भी काम को करने के लिए योजना बनाना बहुत ही जरूरी होता है योजना बनाकर काम करने काम में सफलता तो मिलती ही है साथ ही काम करने में सुविधा भी होती है.अगर आप कोई भी व्यवसाय शुरू करना  चाहतें है तो आपमें निर्णय लेने का गुण होना चाहिए.
    सफल बिजनेसमैन बनने के लिए सही व्यवसाय का चुनाव करना चाहिए(Choose to right business)

    आगे बढ़ने के लिये सही जगह या व्यवसाय का होना भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। जब आप सही व्यवसाय और क्षेत्र का चुनाव करते है तो आपको आपके व्यवसाय में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है व्यवसाय में सफलता प्राप्त करने के लिए आपको अपने मनपसंद कार्य क्षेत्र को चुनना चाहिए.

    अपने व्यवसाय के प्रति आपको समर्पित रहना चाहिए(Quality of dedication)

    आपको अपने व्यवसाय में दुसरो से अधिक विस्वास रखना चाहिए अगर आपमें आपके व्यवसाय के प्रति पैशन तो आप किसी भी परेसानी का सामना कर सकते है. एक सफल बिजनेसमैन बनने के लिए आपको अपने काम के प्रति समर्पित होना चाहिए
    सफल बिजनेसमैन बनने के लिए बड़े सपने देखे और उन्हें पूरा करने की कोशिश करे( See big dream and achieve it)

    एक सफल व्यवसायी बनना इस बात पर निर्भर करता है की आप अपने व्यवसाय में कितना मन लगाते है अगर आप बिज़नस करते है तो उसे कैसे दुगना करना है इस बारे में भी सोचे और इसके लिए खूब मेहनत करे.

    सफल व्यवसायी बनने के कुछ अन्य गुण(Some other qualities are successful businessman)


    • काम की टाइमिंग का ध्यान रखे
    • अपनी सफलता को सेलिब्रेट करे
    • अपने खर्चो को बेहतर तरीके से मैनेज करे
    • अपना बेस्ट देने की कोशिश करे
    • सब पर विश्वास करे किसी पर निर्भर न रहे

    अगर आप भी सफल व्यवसायी बनना चाहते है तो आप भी ये कुछ आसान टिप्स अपना सकते है.

    16 जन॰ 2017

    रिस्क लेने वाला ही बनता है सफल बिजनेसमैन

    By: Successlocator On: जनवरी 16, 2017
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  • आप यदि सफल बिजनेसमैन बनना चाहते है तो दुनिया की भी मत सुनो, खासतौर से अपने संबंधियों और अपने अभिभावकों की तो बिलकुल न सुनो। इसके लिए रिस्क लेने की क्षमता होनी चाहिए। फेल होना आपकी असफलता नहीं है बल्कि आपकी सफलता की कहानी है। यह कहना है विश्व के प्रसिद्ध जर्नलिस्ट हिंडोल सेनगुप्ता का।

    वह सीआइआइ और यंग इंडियंस ट्राईसिटी चैप्टर द्वारा सेक्टर-31 हेडक्वार्टर में आयोजित एक लर्निग सेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्टीव जॉब्स ने अपने संबंधियों को स्मार्ट फोन और कंप्यूटर बनाने के बारे में बताया तो सभी ने विरोध किया। कौन जानता था कि वह छह इंडस्ट्री में एकदम चेंज ला देंगे। पर्सनल कंप्यूटर, एनीमेटेड मूवी, म्यूजिक, फोन और टेबलेट कंप्यूटिंग और डिजिटल पब्लिशिंग में उनका अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि मैं पावर ऑफ इकोनामी में विश्वास करता हूं। इंटरप्रेन्योरशिप वास्तव में देश के विकास के लिए सबसे आवश्यक है।

    सेन गुप्ता सीआइआइ वाइआइ के सेशन में कश्मीर से कन्याकुमारी तक के लिए की गई स्टडी की किताब रिकास्टिंग इंडिया-हाउ इंटरप्रेन्योर रेवोल्यूशनाइजिंग द व‌र्ल्ड लार्जेस्ट डेमोक्रेसी के लांच के मौके पर आए थे। इसमें चंडीगढ़ के गौरी सिंह की स्टोरी भी है। गौरी सिंह ने इंडस्ट्री की काफी मदद की है। गौरी सिंह ने तीन हजार महिलाओं को ट्रेड किया और अब तक उनके दो हजार क्लाइंट हैं।

    उन्होंने कहा कि भारत में 1.2 बिलियन लोगों में से सिर्फ एक मिलियन लोग इंटरप्रेन्योरशिप के संबंध में सोचते है। हमारे पास समस्याएं है लेकिन उनका सोल्यूशन नहीं। इसको पूरा करने के लिए एक मिलियन युवा इंटरप्रेन्योर कास्ट और जेंडर संबंधित इश्यू पर काम कर रहे है।

    11 जन॰ 2017

    व्यापर कम पूँजी में -Business Ideas in Hindi with Low Investment

    By: Successlocator On: जनवरी 11, 2017
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  • Delhi के 29 वर्षीय शांतनु देशपांडे ने अपनी चीन की नौकरी छोड़कर अगस्त २०१5 में अपनी कम्पनी शुरू की जो शेविंग उत्पादकों को online बेचती है. इस कंपनी में अब तक २३ निवेशक से १5 करोड़ कनिवेश मिल चूका है. देशपांडे ऐसे Indian Businessman में से हैं जिनको अलग रास्तो में निकलने में डर नहीं लगता | अब कारोबारी का मतलब सूट बूट में तैयार कोई 5० साल का वक्ती नहीं बल्कि २०-३० साल का मामूली सा दिखने वाला लड़का भी हो सकता है जो रिस्क लेने से नहीं डरता| India में daily 4 startup  जन्म ले आरहे हैं |सबसे ज़यदा जिन स्टार्टअप की चर्चा है वो ecommerce के फील्ड में से हैं|
    Pune based company  teknovance को २०१२ में २5 वर्षीय प्रसाद गुन्देचा ने शुरू किआ था जो अब २ करोड़ की कंपनी बन गई जिसका काम मकानो में इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों को लगाना है.
    कुछ एक दशक पहले जब लोग सरकारी नौकरी करने का सपना देखते थे वही आज के युवा अपना Business Start करने में लगे हैं
    ऐसे ही इन युवाओ में आकाश छूने की ख्वाइश है २४ वर्षीय नकुल खन्ना गूगल में नौकरी करते थे . अगस्त २०१५ में अपनी गूगल की नौकरी छोड़कर २ startup में अपना ध्यान लगाया | पहला इंसटागो एक ऐसा एग्रीगेटर अप्प जो ग्लैक्सी सेवाओ की सूचि दे देता है. और दूसरा customized यानि ग्राहक की पसंद के हिसाब से  टीशर्ट बना देता है | डेल्ही यूनिवर्सिटी से बिज़नेस स्टडी में स्नातक करने वाले खन्ना कहते हैं ” मुझे दोस्तों और परिवार का दवाव झेलना पढ़ा पर मैं जनता हु लम्बी दौड़ में ये जोखिम ही काम आएगा |
    मणिपाल ग्लोबल एजुकेशन के चेयरमैन टी. वी मोहनदास मानते हैं की २०२५ तक भारत में १ लाख startup काम कर रहे होंगे जिनसे ५०० अरब डॉलर का कारोबार पैदा हो रहा होगा |
    कुछ नए कारोबार के बढ़े Businessmen
    1. Paytm
    2.Flipkart
    3.Snapdeal
    4.Pepperfry
    5.Shopclues
    एक दिन  में यात्रा के दौरान एक जगह से जा रहा था वहां मैंने एक पेट्रोल पम्प देखा | उस पेट्रोल पम्प पर बाकि पेट्रोल पम्प की अपेछा बहुत भीड़ थी | लेकिन तोड़ी देर में ही में समझ गया यहां इतनी भीड़ क्यों है |इसकी वजह थी की पेट्रोल पम्प पर बिना कहे गाड़ी की हवा चेक करने लग गए |बाहर का शीशा साफ करके वह कर्मचारी मेरे पास आया और कहने लगा आज बहुत धूल चल रही है क्या में गाड़ी का  अंदर का शीशा भी साफ़ कर दू | जल्दी और अच्छे तरीके से उसने अंदर की सफाई भी कर दी. किसी और पेट्रोल पम्प वालो का इस तरफ ध्यान ही नहीं जाता |

    इस छोटी सी बात से न की मुझे रात को साफ़ दिखने लगा बल्कि मुझे वह पेट्रोल पम्प याद रहा | जब कभी भी में उस तरफ जाता हु तो उसी पेट्रोल पम्प पर जाता हु |में जब भी उस पेट्रोल पम्प पर पंहुचा चाहे वह सुबह के ४ बज रहे हो वहां बहुत सारी कार खड़ी थी |जब में यहां आया था तो यहां का अटेंडेंट यह सोच सकता था | यह वयक्ति बाहर का है | दुबारा यहां लौटकर नहीं आएगा . इसकी तरफ ज़्यदा ध्यान देने का क्या फायदा यह तो सिर्फ एक बार का ग्राहक है |पर उसने ऐसा नहीं सोचा | उस पेट्रोल पम्प पर पहले Service  की जाती है फिर Profit के बारे में सोचा जाता है |यही कारण है की वह पेट्रोल पम्प इतना Successful है . जबकि आस पास के पेट्रोल पम्प खाली पढ़े रहते हैं |जब वह पहली बार में मेरी कार के शीशे साफ़ कर रहे थे तो उन्होंने पैसे का एक बीज बोदिया |सेवा को महत्त्व दो और पैसा अपने आप आपके पास आ जायेगा ।

    10 जन॰ 2017

    कभी पिता संग बेचा करते थे जूस, फिर कैसेट बेच खड़ी की अरबों रूपये की कंपनी

    By: Successlocator On: जनवरी 10, 2017
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  • आज जिस शख्स के सफलता की कहानी हम पेश कर रहे हैं उन्हें हर कोई जानता है लेकिन उनके संघर्ष की कहानी बहुत कम लोग ही जानते। जी हाँ सफलता की यह कहानी है भारत की सबसे बड़ी म्यूजिक कंपनियों में शुमार टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की। आज भले ही गुलशन कुमार हमारे बीच नहीं हैं किन्तु उनकी कारोबारी सफलता आज भी चर्चा का बिषय है।
    दिल्ली के एक गरीब पंजाबी परिवार में पैदा लिए गुलशन कुमार बचपन से ही अपने पिता के जूस की दूकान पर काम में हाथ बटाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उन्हें कारोबार में ही दिलचस्पी पैदा हो गयी। 23 साल की उम्र में उन्होंने ख़ुद के एक कारोबार शुरू करने की दिशा में काम शुरू कर दिया।

    फैमिली की मदद से उन्होंने एक दुकान को टेकओवर किया और फिर ऑडियो कैसेट बेचना शुरू किया। उन्होंने अपने ऑडियो कैसेट के बिजनेस को ‘सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ के नाम से दुनिया के सामने पेश किया।
    गुलशन कुमार ओरिजिनल गानों को दूसरी आवाजों में रिकॉर्ड कर कम दामों में बेचने शुरू कर दिए। जहाँ अन्य कंपनियां एक कैसेट को 28 रुपए में बेचती वही गुलशन कुमार उसे महज़ 15 रूपये में बेचते। 70 के दशक में उनकी कैसेट के डिमांड बहुत बढ़ गए। फिर उन्होंने भक्ति गानों की सीरीज़ भी निकली। उन्होंने खुद भी कई भक्ति गानें गाये जो आज भी मशहूर है। धीरे-धीरे वो म्यूजिक इंडस्ट्री के सफल बिजनेसमैन में शुमार हो गए।
    कैसेट की दुनिया में सफलता मचाने के बाद उन्होंने फ़िल्मी दुनिया का रुख किया। इसके बाद वे म्यूजिक और बॉलीवुड फिल्मों के अलावा हिंदू पौराणिक कथाओं से संबंधित फिल्मों और सीरियल्स को भी प्रोड्यूस करने लगे। अपनी तरक्की को देखते हुए गुलशन कुमार ने कमाई का एक हिस्सा समाजिक और धार्मिक संगठनों को दान देना शुरू कर दिए।
    धर्म के  प्रति उनकी अभिन्न रूची की बदौलत उन्होंने माता वैष्णो देवी के दरबार में भंडारा का आयोजन शुरू कर दिया। गुलशन कुमार का यह भंडारा श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में आने वाले भक्तों को नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराता है। ख़बरों की मानें तो जब अबु सलेम ने गुलशन कुमार से हर महीने 5 लाख रुपए फिरौती माँगा था तो उन्होंने फिरौती देने की बजाय उस रूपये से भंडारा शुरू कर दिया था।

    12 अगस्त 1997 को मुम्बई के साउथ अंधेरी इलाके में स्थित जीतेश्वर महादेव मंदिर के बाहर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। फिर 19 साल की उम्र में उनके बेटे भूषण कुमार ने कंपनी की कमान संभाली। उनकी बेटी तुलसी कुमार एक जानी-मानी प्लेबैक सिंगर है। आज टी-सीरीज भारत की सबसे बड़ी म्यूजिक इंडस्ट्री में से एक है। गुलशन कुमार की कारोबारी सफलता के साथ-साथ उनकी भक्ति-भावना भी लोगों के लिए प्रेरणादायक है।

    9 जन॰ 2017

    10,000 से शुरू किया था, आज करोड़ो के मालिक हैं

    By: Successlocator On: जनवरी 09, 2017
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  • बिजनेस में उतार-चढ़ाव कोई नई बात नहीं है पर कोई नया बिजनेस शुरू कर उसमें सफल होना हमेशा नई बात रही है. बिजनेस के लिए सबसे जरूरी चीज है पैसा या फंड. पर जरूरी नहीं कि किसी के पास पैसा है तो वह एक सफल बिजनेसमै बन ही जाए या अगर आपके पास पैसे नहीं हैं तो आप बिजनेस शुरू नहीं कर सकते. कई बिजनेसमैन हैं जिन्होंने बिजनेस के लिए फंड या पैसों की सबसे जरूरी चीज की धारणा को गलत साबित किया है. इनफोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति आज सफल और स्थापित बिजनेसमैन के रूप में जाने जाते हैं. पर शायद बहुत कम लोग जानते होंगे कि नारायण मूर्ति ने इनफोसिस का आधार केवल 10,000 रुपयों से शुरू किया था और वह भी कर्ज लेकर.
    आज इंफोसिस मल्टीनेशनल कंपनी में आती है और आईटी की सर्विसेज देने वाली तीसरी बड़ी कंपनी है. पर 1981 में जब श्री नारायण मूर्ति (Narayan Murthy) ने इसे शुरू किया था तो उनके पास पैसे नहीं थे. उनकी पत्नी सुधा ने मूर्ति से छुपाकर जमा किए 10,000 रु. उन्हें कंपनी शुरू करने के लिए दी थी. इंफोसिस के लिए यही 10,000 इसका आधार बना. उस वक्त इनके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि कंपनी के लिए कोई कमरा भी किराए पर ले सकें. शुरू होने के 6 महीने बाद 2 जुलाई, 1981 को कंपनी का रजिस्ट्रेशन इंफोसिस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से हुआ जिसमें ऑफिस का पता मूर्ति के दोस्त और कंपनी में पार्टनर राघवन के घर का दिया गया. हालांकि मूर्ति के घर के अगले भाग में स्थित कमरा ही उनका यानि कि इंफोसिस का ऑफिस था.
    नारायण मूर्ति का हौसला ही था कि आज इंफोसिस इस मुकाम पर पहुंच पाया है वरना एक वक्त ऐसा भी था जब कंपनी की हालत को देखते हुए कंपनी में मूर्ति के अन्य पार्टनर इसे बेच दिए जाने का विचार कर रहे थे. 1990 तक इंफोसिस जरूरी लाभ नहीं कमा पा रही थी. उसी वक्त किसी कंपनी ने इंफोसिस को खरीदने का ऑफर रखा. मूर्ति के अन्य सभी पार्टनर नंदन नीलकेणी ( Nandan Nilekani), एन. एस. राघवन (N. S. Raghavan), एस. गोपालाकृष्णन (S. Gopalakrishnan), एस. डी. शिबुलाल (S. D. Shibulal), के. दिनेश (K. Dinesh) इंफोसिस को बेच देने की राय से सहमत थे पर मूर्ति को यह मंजूर नहीं था. मूर्ति को जब लगा कि उनके पार्टनर अब उनका साथ नहीं देंगे तो उन्होंने उनसे कहा कि ठीक है मैं तुम सबको खरीद लूंगा. भले ही तुम्हें खरीदने में मेरी पाई-पाई चली जाए पर मुझे विश्वास है कि इस कंपनी का भविष्य उज्ज्वल होगा. नारायण मूर्ति के इस वक्तव्य ने सभी को इतना प्रभावित किया कि उन्होंने कंपनी बेचने का खयाल छोड़कर मूर्ति का साथ देने का फैसला कर लिया.
    नारायण मूर्ति ने इंफोसिस का सपना देखते हुए शायद इतना बड़ा एंपायर खड़ा करने का सोचा नहीं होगा. 10,000 की छोटी लागत करोड़ो का मुनाफा कमाने वाली मल्टीनेशनल कंपनी बन चुकी है. आज भारत के अलावे जर्मनी, स्वीडन, बेल्जियम और ऑस्ट्रेलिया में भी इसकी शाखाएं हैं. इंफोसिस हजारों लोगों को रोजगार मुहैया करवा रही है साथ ही समाज सेवा के काम भी करती है. नारायण मूर्ति का हौसला और आत्मविश्वास इंफोसिस को जमीन से आसमान तक की दूरी तय करने में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण साबित हुआ. यह हर नए बिजनेसमैन के लिए या बिजनेस शुरू करने की चाह रखने वालों के लिए उदाहरण है कि बिजनेस फंड से नहीं आत्मविश्वास से चलता है.

    8 जन॰ 2017

    व्यापार को सफल बनाने के 10 नियम

    By: Successlocator On: जनवरी 08, 2017
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  • क्या आप सोच सकते हैं कि अपने बचपन में दूध बेचने वाला , घर-घर अखबार फेंकने  वाला, और होटल में waiter का काम करने वाला अपने जीवन में क्या बन सकता है???……वो लाखों लोगों को नौकरी पर रख सकता है , किसी industry को पूरी तरह से बदल सकता है, वो दुनिया की सबसे बड़ी company बना सकता है…..और खुद बन सकता है America’s Richest Man . मैं बात कर रहा दुनिया की सबसे बड़ी Retail Company  Walmart की  स्थापना करने वाले Sam Walton की. सैम वाल्टन (1918-1992) को modern retail का जनक भी कहा जाता है, इन्ही का business model follow करते हुए आज Big Bazaar, More, Reliance Fresh जैसे stores भारत में भी खुल गए हैं.  वह 1982 से 1988 तक अमेरिका के सबसे अमीर व्यक्ति थे और आज की तारीख में भी वालमार्ट हमेशा Top 10 companies में रहती है और अरबों dollar का  व्यापार करती है.
    तो भला आप ही सोचिये अगर इतनी बड़ी उपलब्धियों वाला  व्यक्ति आपको business करने के गुण बताये तो बात में दम तो होगा ही. और आज AKC पर मैं उन्ही के द्वारा बताये गए 10 Rules share कर रहा हूँ:

    Business  सफल बनाने के 10 Golden Rules
    Rule 1: अपने  व्यवसाय  के  प्रति  समर्पित रहिये :

    आपको  अपने  business में  किसी  भी  और  व्यक्ति  से  ज्यादा  यकीन  होना  चाहिए . यदि  इंसान  में  अपने  काम  के  प्रति  passion है  तो  वो  अपने  अन्दर  की  सारी  खामियों  से  पार  पा  लेगा . मुझे  नहीं  पता  कि  आदमी  passion के  साथ  पैदा  होता  है  या  वो  इसे  develop कर  सकता  है . पर   मैं  इतना  जानता  हूँ  कि आपको  इसकी  ज़रुरत  पड़ती  है .  यदि आप अपने काम से प्रेम करते हैं तो, तो आप हर रोज़ उसे best possible way में करना चाहेंगे ,और जल्द ही आपके साथ काम करने वाले भी किसी बुखार की तरह इसे आपसे catch कर लेंगे.
    Rule 2: Profit को सभी काम करने   वालों  में  बाटिये  और  उन्हें  partner की  तरह  treat करिए :

    बदले  में   employees भी  आपको as a  partner treat करेंगे  और  तब  आप  जितना  सोच  नहीं  सकते  उससे  भी  अच्छा  कर  पायेंगे . आप  चाहें   तो  company पर  अपना  control बनाये  रखिये  मगर  एक  सेवक  के  रूप  में  lead करिए . अपने  साथियों  को  company के  stocks खरीदने  के  लिए  encourage करिए  और  retirement के  समय  उन्हें  discounted stocks दीजिये .शायद  हमने  आज  तक  जो  कुछ  भी  किया  उनमे  से  ये  सबसे  महत्त्वपूर्ण  चीज  थी .
    Rule 3: Motivate your partners. अपने  partners को  motivate कीजिये :
    सिर्फ  पैसा  और  ownership काफी  नहीं  है .हर  रोज़  नए  innovative तरीकों  से  अपने  partners को motivate और  challenge कीजिये . बड़े  लक्ष्य  निर्धारित  करिए  , competition को  बढ़ावा  दीजिये  …अगर  माहौल  फीका  पड़  रहा  हो  तो  एक  manager की  जॉब  दूसरे  से  switch कीजिये  और  उन्हें  बेहतर  करने  के  लिए  उत्साहित  कीजिये . अपने  आपको  बहुत  predictable मत  बनाइये , लोगों  को  guess करने  दीजिये  की  आपकी  अगली  trick क्या  होगी .
    Rule 4: अपने  partners को  हर  संभव  चीज  communicate कीजिये :

    ऐसा  करने  से  वो  business को  बेहतर  समझ  पायेंगे  , और  जितना  अधिक  वो  समझेंगे  उतनी  ज्यादा  care करेंगे . और  जब  वो  care करने  लगेंगे  तब  उन्हें  कोई  रोक  नहीं  सकता . यदि  आप  अपने  associates से  बातें  छुपायेंगे  तो  वो  देर -सबेर  समझ  जायेंगे  कि  आप  उनको  partner नहीं  consider करते  हैं . सूचना  शक्ति  है  , अपने  asoocites को  empower करके  आपको  जो  फायदा  होता  है  वो  competitor को  बात  का  पता  चलने  से  होने  वाले  नुकसान  से  कहीं  अधिक  है .
    Rule 5: Associates business के  लिए  जो  करते  हैं  उसकी  प्रशंशा  कीजिये :

    Salary और  share देने  से  आपको  एक  तरह  की  loyalty मिलेगी . लेकिन  हर  कोई  अपने  काम  की  प्रशंशा  सुनना  चाहता  है . हम  अक्सर  अपनी  प्रशंशा सुनना  चाहते  हैं , और  खासतौर  पर  तब  जब  हम  अपने  किसी  काम  पर  proud feel कर  रहे  हों . सही  समय  पर  , सही  शब्दों  द्वारा  की  गयी  सच्ची  प्रशंशा  का  कोई  विकल्प  नहीं  है . ये  बिलकुल  फ्री  होते  हुए  भी  एक  खजाने  के  बराबर  होती  है .
    Rule 6: Celebrate your success. अपनी  सफलता को  celebrate करिए :

    यदि  आप  असफल  हों  तो  उसमे  कुछ  humour खोजिये . अपने  आप  को  बहुत  seriously मत  लीजिये . जब  आप  tension free होंगे  तो  आपके  साथ  के  लोग  भी  हल्का  महसूस  करेंगे .उत्साह  दिखाइए – हमेशा . जब  सब  fail  हो  जाए  तो  रंग  बिरंगे  कपडे  पहन   कर  कोई  silly गाना  गिये . और  फिर  सभी  को  अपने  साथ  गाने  को  कहिये . अपनी  कामयाबी  का  जश्न  मानाने  के  लिए  Wall Street पर  मत  नाचिये . ये  किया  जा  चुका  है . कुछ  नया  सोचिये , ये  सब  जितना  हम  सोचते  हैं  उससे  कहीं  अधिक  ज़रूरी  है  और  मस्ती  से  भरा  हुआ  भी , और  इससे  competitor भी  मूर्ख  बन  जाते  हैं .
    Rule 7: अपनी  कंपनी  में  हर  किसी  को  सुनिए  और  ऐसा  उपाय  निकालिए  कि  वो  आपस  में  बात  करें :

    जो  सामने  बैठते  हैं —वो  जो  customer  से  बात  करते  हैं —सिर्फ  वही  जानते  हैं  कि  वहां  क्या  चल  रहा  है . इसलिए  ये  जानने  की  कोशिश  कीजिये   कि  वो  क्या  जानते  हैं .Total Quality  बस  यही  है . अपनी  संस्था  में  नीचे  तक  responsibility push करने  के  लिए  और  नयी  ideas को  सामने  लेन  के  लिए  ज़रूरी  है  कि  आप  यह  जानने  की  कोशिश  करें  कि  आपके  associate क्या  कहना  चाहते  हैं .
    Rule 8: अपने  customers को  उम्मीद  से  ज्यादा  दीजिये :

    यदि  आप  ऐसा  करेंगे  तो  वो  बार – बार  वापस  आयेंगे . उन्हें  वो  दीजिये  जो  वो  चाहते  हैं —और  फिर उससे  थोडा  ज्यादा . उन्हें  पता  चलना  चाहिए  की  आप  उनको  appreciate करते  हैं . अपनी  सभी  गलतियों  को  स्वीकारिये  और excuse मत दीजिये  —माफ़ी  मांगिये .आप  जो  कुछ  भी  करते  हैं  उसके  पीछे  खड़े  रहिये . आज  तक  दो  सबसे  ज़रूरी  शब्द  जो  मैंने  पहले  Wal-Mart sign के  नीचे  लिखे  थे : “Satisfaction Guaranteed” . वो  आज  भी  ऐसे  ही  लिखे  हुए  हैं  और  उनकी  वजह  से  इतना  सब  कुछ  हो  पाया .
    Rule 9: अपने  खर्चों  को  competition से  बेहतर  ढंग  से  control कीजिये :

    यहीं   पर  आप  competitive advantage पा  सकते  हैं . लगातार  25 सालों  से  – Wal-Mart के  देश  के  सबसे  बड़े  retailer बनने  से  पहले — हम  इस  industry  में  lowest Expense to Sales ratio में  No.1 रहे  हैं , आप  बहुत  सारी  गलतियाँ  कर  के  भी  दुबारा  उबर  सकते  हैं  यदि  आपके  operations efficient हों . या  आप  बहुत  brilliant होते  हुए  भी  business से  बाहर  हो  सकते  हैं  अगर  आप  बहुत  inefficient हों .
    Rule 10: धारा  के  विपरीत  तैरिये :

     दूसरी   तरफ  जाइये . Conventional Wisdom को छोड़िये . अगर  हर  कोई  काम  को  एक ही  तरह  से  कर  रहा  है  तो बहुत  ज्यादा  chance है  कि  आप  ठीक  उलटी  दिशा  में  जाकर  अपना  niche  पा  सकते  हैं .पर  इस  बात  के  लिए  तैयार  रहिये  कि  आपको  बहुत  सारे  लोग  ये  इशारा  करेंगे की  आप  गलत  दिशा  में  जा  रहे  हैं . मुझे  लगता  है  कि  मैंने  इन  तमाम  सालों  में  किसी  और  बात  से अधिक ये  सुना  है  कि : 50,000 से  कम  आबादी  वाला  town एक  discount store को  ज्यदा  समय  तक  support नहीं  कर  सकता

    अपना बिज़नेस कैसे शुरू करें – How to Start a Business (Hindi Guide)

    By: Successlocator On: जनवरी 08, 2017
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  • हममें से अधिकांश लोगों के पास व्यवसाय से सम्बंधित बड़े बड़े शानदार बिज़नेस आईडिया होते है और हम अपना खुद का कारोबार शुरू करने के सपने देखते हैं। लेकिन ज्यादातर लोग असफ़ल होने के डर के कारण कभी भी अपने आईडिया को मूर्त रूप नहीं दे पाते| कई लोग नौकरी छोड़कर अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते है लेकिन पारिवारिक, सामाजिक और वितीय दबाव के कारण स्थापित नौकरी को छोड़कर जोखिमपूर्ण व्यवसाय शुरू करने के विचार से ही घबरा जाते है|  लेकिन ………….
    Journey of Entrepreneurship

    किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से लेकर करोड़ों की कंपनी बनाने तक की यात्रा एक बहुत ही कठिन लेकिन अद्भुत सफ़र होता है| इस यात्रा में आपको योजना बनानी होती है, कड़ी मेहनत करनी होती है, मुसीबतों का सामना करना होता है, समस्याओं का हल निकालना होता है, असफलता को स्वीकार करके उससे सीख लेनी होती है| शुरुआत में आपके सामने हजारों मुसीबतें आती है, लोग आपके आईडिया पर विश्वास नहीं करते, आप कई बार असफल होते है, कई बार आत्मविश्वास डगमगा जाता है| लेकिन इस यात्रा में आपको हर बार गिरकर फिर से उठना होता है और फिर अचानक एक दिन आपके लिए सफ़लता के द्वार खुल जाते है और आपकी किस्मत बदल जाती है, आप अपने बिज़नेस में इतनी तेजी से सफलता की सीढियाँ चढ़ते है कि आपको स्वंय पर विश्वास नहीं होता|


    Ideas To Start A Business

    व्यापार कैसे शुरु करें



    Business Vision: सबसे पहले यह तय करें कि बिज़नेस क्यों करना चाहते है? आपका व्यवसाय करने का आखिरी लक्ष्य क्या है? आप व्यवसाय के द्वारा क्या प्राप्त करना चाहते है और कितने समय में प्राप्त करना चाहते है| क्या आप करोड़पति बनना चाहते है? क्या आपके व्यवसाय करने का अंतिम उद्देश्य अपने बिज़नेस के द्वारा लोगों की मदद करना है??


    Business Type: अब तय करें कि आप कौनसा बिज़नेस करना चाहते है? आप कौनसा प्रोडक्ट बनाएंगे या कौनसी सर्विसेज प्रदान करेंगे? क्या आप अपनी हॉबी को व्यवसाय का रूप देना चाहतें है या फिर कुछ ऐसा करना चाहते है जिस क्षेत्र में आपको अच्छा अनुभव है? आपका Business Idea क्या है? आपका प्रोडक्ट क्या होगा? आपके कस्टमर कौन होंगे?


    Business Strategy: अब तय करें की आपकी बिज़नेस स्ट्रेटेजी क्या है? आप कैसे अपने व्यवसाय में सबसे उत्पाद बनाएंगे या सेवाएं प्रदान करेंगे? कैसे आपका बिज़नेस आइडिया दूसरों से अलग है और आपके बिज़नेस आईडिया में ऐसी क्या खास बात है कि आपका बिज़नेस, पूरे मार्केट को बदल सकता है? आप कैसे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ेंगे? आप किन-किन तरीकों से अपने व्यवसाय से पैसे कमा सकेंगे?


    Business Location: आप व्यवसाय कहाँ से करेंगे? क्या आप अपने घर से शुरुआत करेंगे या अपने व्यवसाय के लिए अलग से जगह लेंगे? आपके बिज़नेस के लिए कौनसी जगह सबसे अच्छी रहेगी?


    Finance: आपको अपने व्यवसाय को शुरू करने के लिए शुरुआत में कितने रूपयों की जरूरत होगी और निरंतर रूप से व्यवसाय को चलाने के लिए कितने रूपयों की जरूरत होगी? आपका व्यवसाय कितने समय बात लाभ देना शुरू कर देगा? अपने रूपयों की जरूरतों को इस प्रकार विभाजित किया जा सकता है : –    सम्पति (Assets)– आपको अपने व्यवसाय के लिए कौन-कौन सी सम्पतियों की जरूरत पड़ेगी जैसे भवन, जमीन, मशीनरी, फर्नीचर, वाहन आदि और आप इन सम्पतियों का इंतजाम कैसे करेंगे (खरीदेंगे या किराये पर लेंगे)? इन सम्पतियों के लिए कितने रूपयों की आवश्यकता होगी? खर्चे (Expenditure) – आपके व्यवसाय को निरंतर रूप से चलाने के लिए कौन कौन से खर्चें होंगे जैसे – कर्मचारियों की सैलरी, रखरखाव के खर्चे, किराया, विभिन्न प्रकार के कंसलटेंट की फीस आदि|
    Market Research:अपने व्यवसाय के मार्केट और इंडस्ट्री का रिसर्च कीजिए| आप विभिन्न तरीकों से रिसर्च कर सकते है – इन्टरनेट से जानकारी जुटाकर, बड़े-बड़े व्यवसाइयों से संपर्क करके, मार्केट के जानकारों से मिलकर या ई मेल करके, मार्केट की बड़ी-बड़ी कंपनियों की रिपोर्ट पढ़कर आदि| मार्केट का रिसर्च करके यह पता लगाइए कि डिमांड और सप्लाई क्या है? सबसे ज्यादा कौनसा प्रोडक्ट बिक रहा है और क्यों? प्रोडक्ट में ऐसी कौनसी कमियां है जिसे अपने प्रोडक्ट में दूर करके मार्केट लीडर बना जा सकता है?
    Business Structure: आपका बिज़नेस स्ट्रक्चर कैसे रहेगा? आप व्यवसाय कैसे शुरू करना चाहते है – एक कंपनी से शुरुआत करना चाहते है या फिर एक पार्टनरशिप फर्म या फिर एकल व्यवसाय के रूप? बिज़नेस का स्ट्रक्चर वितीय स्त्रोतों को ध्यान में रखकर चुना जाता है|


    Business Plan: अब अपना लिखित बिज़नेस प्लान बनाएं और इसमें अपने व्यवसाय से सम्बंधित सभी बातों को शामिल करें| आप बिज़नेस प्लान के लिए किसी प्रोफेशनल कंसलटेंट की मदद ले सकते है|


    Funding Options: अपने व्यवसाय की वितीय जरूरतों को पूरा करने स्त्रोतों का विश्लेषण करें| आपकी वितीय जरूरतें कैसे पूरी होंगी? क्या आप बैंक से लोन लेंगे, रिश्तेदारों और दोस्तों से लोन लेंगे या फिर खुद के पैसे से ही व्यवसाय शुरू करेंगे? आजकल स्टार्टअप फंडिंग के कई सारे नए नए स्त्रोत उपलब्ध है जैसे एंजेल इन्वेस्टर्स, वेंचर कैपिटल फण्ड, क्राउड-फंडिंग आदि| वितीय स्त्रोतों का चुनाव कर लेने के बाद फंडिंग या लोन के लिए आवेदन करें और फंडिंग की प्रक्रिया को समझें| फंडिंग से सम्बंधित सभी डाक्यूमेंट्स और बिज़नेस प्लान का इंतजाम करें|


    Start Your Business: वितीय जरूरतों का इंतजाम करने के बाद अपने व्यवसाय को शुरू करने की और कदम बढ़ाएं| धीरे धीरे अपने व्यवसाय के लिए सभी संसाधनों का इंतजाम करें – कर्मचारियों की नियुक्ति, सम्पतियों की खरीद, प्रोडक्शन से सम्बंधित सभी संसाधनों का इंतजाम आदि| बिजनेस के लिए जब पूरी प्लानिंग हो जाती है और आपके पास पूंजी भी, तो इसके बाद अहम चरण होता है, बिजनेस प्लान को व्यवहार में लाना। इस दौरान सेलिंग और कस्टमर सर्विस आदि नए उद्यमी के लिए एसिड टेस्ट की तरह होता है। इस दौरान आपको अपना शत-प्रतिशत कौशल दिखाना होगा, ताकि आप अपने सर्विस के प्रति लोगों में भरोसा कायम कर सकें। तभी आप अपनी सफलता की कहानी शुरू कर सकते हैं।


    Brand and Marketing: अब तय करें कि आप कब से अपना व्यवसाय शुरू कर रहे है और उसके लिए आप अपने ब्रांड की मार्केटिंग कैसे करेंगे? क्या आप विज्ञापन के द्वारा अपने व्यवसाय की मार्केटिंग करेंगे या फिर इन्टरनेट का उपयोग करेंगे?


    Technology: टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें और अपनी ऑनलाइन मार्केटिंग करें| सोशल मीडिया पर अपने बिज़नेस के बारे में लोगों को बताएं और विश्लेषण करें कि कैसे इन्टरनेट और टेक्नोलॉजी की मदद से व्यवसाय को तेजी से सफलता की ओर आगे बढ़ाएंगे|
    USP: अब आप एक तरह से अपना बिज़नेस शुरू कर चुके है| अब आपको लगातार मेहनत करनी है और अपने व्यवसाय को सफल बनाने (Business Success) के लिए नए नए तरीके ढूढ़ने है|धीरे धीरे अनुभव के आधार पर अपनी USP (unique value proposition) का निर्माण करें| यानि कि ऐसी क्या बात है जो आपको दूसरों से अलग बनाती है|


    Leadership: अपने व्यवसाय को निरंतर रूप से आगे बढ़ाते रहें और एक लीडर की तरह अपनी टीम का नेतृत्व करें| अपनी कर्मचारियों को कर्मचारी न समझकर अपने पार्टनर समझें|

    18 सित॰ 2016

    करोड़पति बनना है तो नौकरी छोडिये…….

    By: Successlocator On: सितंबर 18, 2016
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  • करोड़पति बनना है तो नौकरी छोडिये…….



    करोड़पति बनना है तो नौकरी छोडिये……. 

    चलिए, पहले एक छोटी से exercise करते हैं. आप अपने शहर के किन्ही पांच करोड़पतियों की list मन में सोचिये…..please इस step को miss मत कीजिये , सोचिये ज़रूर !!!
    अब बताइये इस लिस्ट में क्या कोई ऐसा भी है जो नौकरी पेशा है? मेरी लिस्ट में तो नहीं है,मेरे दिमाग में जो नाम आये वो मै आपको बताना चाहूँगा. मैं Gorakhpur  का रहने वाला हूँ और ये लोग वहीँ के हैं:
    • चेतना मसाले वाले Uncle,
    •  डॉ. अग्रवाल, जिनका खुद का Hospital है
    • Mr. Jalan-  सरिया वाले
    • मेरेcolony के एक uncle जिनके Engineering College चलते हैं , और
    • बरनवाल Uncle , जिनके यहाँ से हम लोग Jewelry  खरीदते हैं.
    इन सभी में एक बात common   है. लोग इनके यहाँ नौकरी करते हैं पर ये किसी के यहाँ नौकरी नहीं करते.ये सभी उद्यमी हैं, Entrepreneurs हैं, Businessmen  हैं पर employee  नहीं हैं.
    मैंने कुछ दोस्तों से भी ये प्रश्न किया उनकी सूची में भी किसी नौकरी करने वाले का नाम नहीं था. अब ये बात और है की आप दिमाग पे जोर डालेंगे तो कुछ ऐसे लोग मिल जायेंगे पर इनमे से ज्यादातर के बाल या तो सफ़ेद हो चुके होंगे या फिर पूरी फसल ही साफ़ हो चुकी होगी.अगर बाल सफ़ेद करा कर Crorepati बनाना है तो नौकरी  बुरी नहीं है..तीन-चार  promotion  और  15- 20 साल  में Crorepati बन ही जायेंगे… पर ऐसे बने तो बच्चों के लिए बनेंगे अपने लिए नहीं…और मज़ा तो अपने लिए बनने में है….क्यों? और अगर अपने लिए Crorepati बनना है तो खुद बनना होगा एक Entrepreneur.
    यहाँ एक बात कहना चाहूँगा कुछ लोग ज्यादा पैसा कमाने कि इच्छा रखने वालों को उतनी  respect  से नहीं देखते हैं, पर मुझे लगता  है कि इस मंहगाई को देखकर उनके विचार में भी बदलाव आ चुका होगा….कितना कमाना  ज्यादा कमाना है इसकी परिभाषा बड़ी तेजी से बदल रही है…मेरी नज़र मैं ज्यादा पैसे कमाने कि इच्छा रखना एक अच्छी बात है..  बशर्ते उसे कमाने के लिए गलत काम न किये जाएँ. और शायद इस article  को भी वही लोग पढ़ रहे होंगे जो ऐसी इच्छा रखते होंगे वरना article  का title  पढ़ने के बाद ही वो किसी और topic  पर चले गए होते.चलिए अब आते हैं main मुद्दे पर :

    पर नौकरी छोडें कैसे ?

    सवाल बिलकुल ठीक है. पर उससे भी बड़ा एक सवाल है:, “नौकरी छोड़ी तो करेंगे क्या ?”अगर आपके मन में ये दूसरा सवाल आ रहा है तो उसका मेरे पास कोई जवाब नहीं है. क्योंकि ये तो आपके अंदर से आने वाली  आवाजा है कि आप क्या करना चाहते हैं . और यदि यह नहीं आ रही है तो अभी आप इस तरह के  step  के लिए बिलकुल तैयार नहीं हैं…पर ये बात पक्की है कि यदि आप चाहें तो समय के साथ खुद को तैयार कर सकते हैं.
    पर यदि आप उनमे से हैं जिनका कोई सपना है ,जो कुछ बड़ा, कुछ महान , कुछ अपना  करना चाहते हैं तो आपको पहले प्रश्न के बारे में सोचना ही होगा. क्योंकि अगर आप अभी नहीं सोचेंगे तो आगे आपके लिए ये सोचना और भी मुश्किल हो सकता है भविष्य में:
    • आपकी जिम्मेदारियां बढ़  जायेंगी यानी आपकी risk  लेने की क्षमता घट जायेगी.
    • हो सकता ही आपकी  salary  बढ़ जाए और आप खुद को समझा लें. कि “चल भाई पैसे आ तो रहे हैं…अब और क्या चाहिए.”
    कुछ लोग सोच सकते हैं कि lecture देना आसान है पर करना बहुत मुश्किल है. बात सच है ,पर ये भी सच है कि ये करना मुश्किल ज़रूर है पर असंभव नहीं.
    अगर Dheerubhai Ambani ने petrol pump की नौकरी नहीं छोड़ी होती तो क्या आज  Reliance  जैसी company होती? अगर Narayan Murthy ने Patni Computers की अपनी नौकरी नहीं छोड़ी होती तो क्या आज Infosys का कोई वजूद होता?Amitabh Bachchan  ने भी पहले  Shaw Wallace और बाद में Bird & Co, नमक एक  shipping firm में काम किया, अगर उन्होंने भी अपने दिल कि आवाज़ नहीं सुनी होती तो भला भारत को कहाँ मिलता इतना बड़ा महानायक?
    ये बहुत बड़े-बड़े उदाहरण हैं, जिन्हें हम सब जानते हैं पर यकीन जानिए कि ऐसी हजारों success stories  हैं, जहाँ पर लोगों ने अपनी सोच को हकीकत में बदल कर दिखाया है…गांव की गलियों से निकल कर शहर की बुलंदियों को अपना बनया है. खुद बने हैं Crorepati और कईयों को लखपति बनाया है.
    पर अभी भी हमारा जो पहला सवाल था कि “पर नौकरी छोडें कैसे?”वो वहीँ का वहीँ बना हुआ है. कहने की बात नहीं है कि ये एक एक बहुत ही बड़ा step  है, और बस यूँहीं नहीं लिया जा सकता है. इस क्रांतिकारी कदम को वही उठा सकता है जिसके मन में कुछ अपना करने की तीव्र इच्छा हो और वो अपने plan  को execute करने के लिए बहुत ज्यादा passionate हो. जिनके अंदर वाकई में कुछ कर गुजरने की दीवानगी होती है, वो इधर-उधर की बातें ज्यादा नहीं सोचते और बस लग जाते हैं अपने प्रयासों में.
    पर हम मे से ज्यादातर लोग (including me) कुछ करना तो चाहते हैं, पर हमारे अंदर एक डर सा लगा होता है कि कहीं हम fail  हो गए तो जो है वो भी चला जायेगा. ये डर वाजिब भी है. इसीलिए मेरी समझ से एक बीच का रास्ता निकालना अच्छा साबित हो सकता है , जैसे कि कोई Side-Business शुरू कर के. ये एक पुराना अजमाया हुआ तरीका है, जो आपने अपने आस-पास देखा भी होगा. Office timing के बाद और छुट्टी के दिनों में लोग अपने साइडी-बिजनेस को करते हैं और जब धीरे-धीरे बिजनेस ट्रैक पर आ जाता है तो अपनी नौकरी छोड़ कर पूरा समय business  में लगाते हैं. एक छोटा सा उदहारण देना चाहूँगा जो मैंने Rashmi Bansal जी की “Connect The Dots” book में पढ़ा था.
    N Mahadevan के अंदर एक Hotelier बनने की चाहत थी पर भाग्य ने उन्हें एक Professor  बना दिया था, पर उन्होंने ने भाग्य के इस फैसले को चुनौती दी और Madras University  में अपनी Professor कि prestigious job  छोड़ कर उन्होंने multi-million dollar Food Empire खड़ा कर दिया.
    सुबह 9 बजे से शाम को 4:30 बजे तक पढाने के बाद इन्होने काम समझने के लिए एक और  जॉब पकड़ ली, वो रोजाना शाम 6 से रात 12 बजे तक एक hotel में duty  करने लगे .जब काम समझ आ गया और कुछ पैसे इकठ्ठा हो गए तो उन्होंने खुद का एक Chinese restaurant शुरू कर दिया.आज उनके restaurants 16 देशों में हैं ,जिनमे कुल 3000 employee  काम करते हैं. इन्होने खुद तो MBA  नहीं किया है पर IIM-Ahmedabad से pass-out बंदे को business सँभालने के लिए रखा हुआ है.

    मेरा plan :

    शायद आप जानते होंगे कि मैं भी  job कर रहा हूँ, और मैंने भी अपने लिए एक रास्ता चुना है, जो मैं आपको बताना चाहूँगा, हो सकता है आपके लिए भी इसमें से कुछ idea  निकल आये.
    मेरा idea , दर-असल मेरा और मेरी wife Padmaja  का idea है . शादी से पहले वो job करती थी, पर हमने decide किया कि शादी के बाद  husband और wife दोनों का  job करना एक बेवकूफी  है. क्योंकि ऐसा करके हम हर महीने अपनी income में 10-20 हज़ार रुपये extra तो जोड़ सकते हैं पर Crorepati नहीं बन सकते. इसलिए उसने job  छोड़ दी.अब आगे कुछ करना था.
    चूँकि शुरू  से ही उसका मन beauty related  चीजों में ज्यादा लगता था इसलिए हमने decide  किया कि हम अपने एक बहुत ही standard beauty parlour खोलेंगे, और धीरे-धीरे इसकी branches आस-पास   के अन्य शहरों में खोलेंगे. वो parlour कि अंदरूनी चीजों का ध्यान रखेगी और मैं promotional activities और expansion के लिए काम करूँगा .खुशी की बात ये है कि हमने इस प्लान को  execute करने की शुरुआत भी कर दी  है.पहला step  इस business को करीब से समझने का था , इसीलिए फिलहाल Padmaja  VLCC से Beauty से related एक formal certification course  कर रही है और part –time एक जान-पहचान के parlour में practice करके अपनी skills  को और भी निखार रही है. इसके बाद कुछ चीजें और करनी होंगी और हमारा plan implementहो जायेगा. अब इसमें हमें सफलता मिलेगी या नहीं ये हम नहीं जानते…पर अगर हमने try भी नहीं किया तो ये बिना match  खेले ही हार मान लेना होगा. और हमें तो जीतना है.
    मेरे कुछ दोस्तों ने भी ऐसा ही कुछ किया है, मेरे friend Vaibhav Srivastava ने job करते हुए एक tuition center की franchisee ली है और कुछ partners की मदद से उसे profitable  बनाने में लगा हुआ है. मेरे एक अन्य मित्र Rahul Sahay ने भी Reliance Life Insurance में काम करते हुए कुछ दोस्तों साथ मिलकर एक Vocational Training Centre, NIPS और एक शानदार restaurant खोल लिया है.
    बहुत सारे लोग बहुत सारी ideas के साथ अपने-अपने सपनो को साकार करने में लगे हुए है, और कर रहे हैं,हम इंसानों में यही तो खास बात है ,हम जो सपने देखते हैं उन्हें साकार भी कर सकते हैं.
    अंत में यही कहना चाहूँगा कि “कोई risk ना लेना ही जिंदगी का सबसे बड़ा risk है” और ये risk  आप नहीं उठा सकते इसलिए अपने दिल की आवाज़ सुनिए और अपने सपनो को साकार कीजिये.

    ◆और पढे:

    30 जून 2016

    लीडरशिप आर्ट(leadership)

    By: Successlocator On: जून 30, 2016
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  • आज के इस Corporate World हर कंपनी को एक टीम लीडर की सख्त जरुरत होती हैं क्योंकि एक टीमलीड़ ही उस कंपनी के सारे Employ के साथ तालमेल बिठा सकता हैं .लेकिन इससे भी बड़ा सवाल यह है की टीमलीड़ मैं ऐसी क्या खासियत होनी चाहिये की वह Company के सीईओ और Employ के सामने अपनी लीडरशिप की छाप छोड़े एक अच्छा लीडर तभी बन सकता है जब उसमे कुछ अच्छी बात हो जिससे वह सबको Impress कर सके लीडरशिप के अन्दर इतनी खासियत होनी चाहिये की वह सही निर्णय लेना जनता हो और हर काम को सही तरीके से करना जनता हो. एक अच्छे लीडर की खासियत होती है वह हमेशा रिस्क पसंद करता है और यही से उसकी पहचान होती हैं की वो कितना  मेंटली रूप से स्ट्रोंग हैं ,लीडर के अन्दर इतना अच्छा Communication होना चाहिये जो कम पड़ा लिखा Employ भी आसानी से समझ सके ।

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    लीडर में कभी भी यह भावना नहीं होनी चहिये कि मुझसे बेहतर और कोई नहीं कर सकता बल्कि लीडर को अपनी टीम में यह भावना लाने का प्रायस करना चाहिए कि उनसे बेहतर और कोई नहीं कर सकता.जहा तक मेरा ख्यालहैं हर टीम लीड को अपनी टीम को बेहतर बानाने के बारे में सोचना चहिये न कि अपने बारे में .एक लीडर ही अपनी टीम का हितकारी हो सकता हे इसलिए उसे हर वक़्त अपनी टीम के लिए ही सोचना चहिए जिससे टीम का मनोबल बड़े. एक अच्छे टीम लीडर बनने के लिए कुछ अच्छे विचारों कि भी जरूरत होती हे क्योकि अच्छे विचारों से ही टीम के अन्दर सकरात्मक भावना उत्सर्जित होती हे. एक टीम लीडर को अपनी टीम पर कोंट्रोल रखने से ज्यादा जरुरी हे अपना विश्वास उस टीम पर बनाए जिससे प्रोजेक्ट का आउटपुट अच्छा आये।

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    अक्सर कंपनी की ग्रोथ के लिए हम पब्लिसिटी करते है और वह महत्वपूर्ण भी होती है क्योंकि इसके बदोलत ही हम इस Corporate World में अपनी Company को स्थापित कर सकते हैं इस ग्रोथ मैं सबसे ज्यादा अहम भागीदारी होती ""टीम लीडर ""की क्योंकि वह उसका महत्वपूर्ण हिस्सा होता है इसलिए उसे हमेशा पब्लिसिटी की और ध्यान देना चाहिए एक अच्छा लीडर तब ही कहलाता हैं की वो  weekly रूप से बोंस के साथ मीटिंग करें तथा Employ को भी अपडेट रखें तथा Company Terms & Condition/Company Policies को  Monthly अपडेट करे जिससे Employ को Company rules & Regulations याद रहें.

    लीडरशिप एक आर्ट हैं और यह हर किसी मैं नहीं होती है किसी कंपनी में अपने आप को मेनेज करना भी एक कला हैं Employ से सारा काम टाइम पर और पूरी Perfection के साथ करवान लीडर की काबिलियत पर डिपेंड करता है अगर आप हर काम को सही तरीके से करना चाहते हे तो सबसे पहले आप करें .अक्सर लीडर्स यह सोचता है की उन्हें ओरों से बेहतर लीड करना आता है यह सोचना एक दम गलत हैं ,क्योंकि कभी -कभी बड़े लीडर्स भी  Top Mistakes कर जाते हैं .लीडर यही सोचता हे की जो वो कर रहा है वो सही है पर वक़्त के साथ सब कुछ बदल जाता हे मेरा तो यहीं मानना हे की लीडर की पहचान उसकी काबिलियत होती हें।

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    और हा यह बात उन लीडर्स को ध्यान रखना चाहिए, जरुरी नहीं की Company के सभी Employ अगर मेरी लीडरशिप को पसंद करते इसलिए वह ही लीडर हैं पर ऐसा कुछ नहीं होता हें क्योंकि अगर बोंस आप से खुश ना होतो वो आप की लीडरशिप पोस्ट किसी और को भी दे सकता हें क्योंकि Corporate World में लीडर का काम देखा जाता हें पसंद नहीं .इसलिए लीडर्स को हमेसा अपने बोंस को खुश रखना चहिये क्योंकि बोंस खुश हें तो आप खुश हें और अगर आप खुश हें तो आप के Employ खुश होंगे .

    अगर लीडर ब्लोगर हें तो उसको अपने निजी विचार ,Ideas को ब्लॉग पर पोस्ट करना चहिये क्योंकि उससे उसकी काबिलियत मालूम हो जाती हें

    एक टीम लीड कभी भी गुमशुम न रहें
    मोटिव करो ,बिजनेस चलाओ
    खुद को करे साबित न कि दुसरों को
    अपने हुनर से बने विनर
    लीडर को साहसी होना चाहिए ।
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    14 अप्रैल 2016

    कहानियाँ, कैसे लोग होते हैं सफल Real Businessman Motivational Story

    By: Successlocator On: अप्रैल 14, 2016
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  • कहा जाता है कि जब कोई इंसान अपनी लगन, एकाग्र लक्ष्य और पूरे दृंढ संकल्प के साथ जब कोई काम करता है तो उसको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। जब परिस्थितियाँ आपके विपरीत हों और आपको कोई उम्मीद की किरण ना दिख रही हो तो इंसान को धैर्य और सब्र नहीं खोना चाहिए और परिस्थियों के आगे हार नहीं माननी चाहिए और लगातार सफलता के लिए प्रयास करते रहना चाहिए।

    Su-Kam Inveter, आज ये कंपनी विश्व विख्यात है और करीब 70 से ज्यादा ज्यादा देशों में इसका कारोबार फैला है और हाल ही में इसके मालिक “कुंवर सचदेव जी” ने बताया की कम्पनी का करीब 29 बिलियन डॉलर (1836 अरब रुपए) का टर्नओवर है। लेकिन शायद कोई ये नहीं जानता कि इस कम्पनी की शुरुआत एक छोटी सी दुकान के रूप में हुई थी।

    आसान नहीं था रास्ता

    जब कुंवर सचदेव दसवीं कक्षा में पढ़ते थे, उस समय वो अपने भाई के साथ मिलकर घर घर जाकर पेन बेचा करते थे जिससे कुछ पैसे कमाया करते थे। उन्होनें कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वो इतनी बड़े स्तर पे बिज़निस(Business) करेंगे। बाद में उन्होंने वो काम छोड़कर एक टीवी केबल वाले के पास नौकरी कर ली और घर घर जाकर टीवी केबल लगाते थे। काफी समय संघर्ष भरा रहा लेकिन बाद में उन्होंने नौकरी से दस हजार रुपये इकट्ठे किये और अपनी एक खुद की दुकान खोली जिसका नाम रखा “Su-Kam” और फिर ये खुद के केबल distribute करते थे।
    कैसे बने इलेक्ट्रॉनिक के किंग

    उन दिनों inverter बनाने की कम्पनियां विदेशों में भी नहीं थी। एक दिन कुंवर सचदेव जी को विचार आया कि कि क्यों ना एक इन्वर्टर बनाने का काम शुरू किया जाये। बस उसी दिन उनकी सफलता की शुरुआत हुई, उन्होंने कई अच्छे इंजीनियरों को अपने साथ जोड़ा और बहुत छोटे स्तर पे inverter बनाने का काम शुरू किया। काफी लोगों ने उन्हें रोका भी कि आपको इस बिजनिस की कोई समझ नहीं है तो आप इसमें सफल नहीं हो पाएंगे लेकिन वो अपनी जिद पे अड़े रहे और बहुत जल्द इंजीनियरों की मदद से काफी अच्छे डिजाइन के इन्वर्टर मार्किट में लाये और सौभाग्यवश लोगों को इन्वर्टर बहुत पसंद आये। धीरे धीरे उनका बिज़निस अच्छा चलने लगा और जल्द ही पुरे भारत में उन्होंने सफलतापूर्वक अपना व्यापार जमा लिया।

    एक सलाह

    कुंवर सचदेव जी युवाओं के लिए एक सन्देश देना चाहते हैं। वो बताते हैं कि आज के युवा हताश रहते हैं कि उनके पास business करने के लिए पैसे नहीं हैं, या उनके पास अच्छी डिग्री नहीं है। लेकिन कुंवर सचदेव जी कहते हैं कि केवल स्कूल की पढाई या डिग्री लेकर कोई बिज़नेसमैन नहीं बन सकता उसके लिए अच्छी समझ, मेहनत और लगन की जरुरत होती है। अगर आपके अंदर भी वो लगन और सफल बनने का जज्बा है तो दुनिया की कोई ताकत आपको सफल होने से नहीं रोक सकती।

    एक सन्देश

    मित्रों अक्सर हम लोग ऐसे सफल लोगों की कहानियाँ अख़बार या पत्रिका या टीवी पर अक्सर देखते हैं और प्रभावित भी होते हैं लेकिन केवल कुछ समय के लिए उसके बाद हम फिर से अपनी पुरानी जिंदगी जीने में लग जाते हैं। आज मैं चाहता हूँ कि आप भी अपने अंदर की चिंगारी को बुझने ना दें, आप भी अपने लिए कुछ बड़ा सोचें। जैसा कि कुंवर सचदेव जी ने कहा- अगर आपके अंदर भी लो लगन और सफल बनने का जज्बा है तो दुनिया की कोई ताकत आपको सफल होने से नहीं रोक सकती। तो आपको इस लेख से क्या शिक्षा मिली और आपने अपने लिए क्या बड़ा सोचा हमें नीचे कॉमेंट में जरूर बताएं।
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    9 अप्रैल 2016

    सफलता पाने के 8 सूत्र – Top success formula in Hindi

    By: Successlocator On: अप्रैल 09, 2016
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  • सफलता पाने के 8 सूत्र – Top success formula in Hindi

    दुनिया में दो ही तरह के लोग है एक तो वो जो सफल है और दूसरे वो जो नहीं है जिनकी तादाद सफल लोगो से कंही ज्यादा है इसका साफ मतलब है जो लोग हमारी तुलना में सफल है वो लोग कुछ तो अलग करते ही है जो असफल होने वाले लोग नहीं करते है और किसी भी व्यक्ति का व्यापार में सफल होने के पीछे एक कहावत है कि ” किसी व्यापार में सफल होने के लिए कोई ऐसा तथ्य जानना होता है जो बाकि के लोग नहीं जानते है ऐसे ही सफल होने वाले लोगो के नेचर में भी कुछ खास बातें होती है जो उन्हें सफल बनाती है  | लेकिन फिर भी कुछ बुनियादी चीज़े है जिनका ध्यान रखकर अगर हम जिन्दगी में आगे बढ़ते है तो काफी हद तक सफलता के करीब पहुँच सकते है चलिए इस बारे में आगे बात करते है –

    किसी को बीच में नहीं टोके – अगर आप सच में सफल होना चाहते है तो एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि किसी भी व्यक्ति को बीचे में नहीं टोके जब तक वो अपनी बात पूरी नहीं कर लेता है | एक अच्छा श्रोता बने और लोगो को ध्यान से सुने और कोशिश करे कि उनकी सफल असफ़ल कहानियों के बीच में आपके काम आ सकने वाले फैक्टर्स खोजे और देखें लोगो ने क्या गलतियाँ की है और उनसे सीखने की कोशिश करे |


    success formula



    मना करना सीखें – सफल लोगो में एक सबसे अलग बात जो होती है वो ये है कि वो लोग जानते है कि मना केसे किया जाता है इसलिए वो ऐसे ही सामने वाला नाराज नहीं हो इसके डर से फालतू की जिम्मेदारियां नहीं लेते है |क्योकि उन्हें पता है उन्हें किस तरह से काम करना है इसलिए अपने काम के आड़े आने वाली किसी भी जिम्मेदारी को जो उनकी जरूरतों से बाहर की होती है को लेने से बचते है |

    गोसिप से बचे – किसी भी गोसिप का हिस्सा बनकर समय खराब नहीं करें क्योंकि आप जानते है आपको क्या करना है इसलिए गॉसिप का हिस्सा बनाकर समय खराब करना कोई समझदारी नहीं है | जो किसी और के बारे में बात करता है जाहिर सी बात है आपके बारे में भी बात करता ही  होगा | सफल लोग खुलकर बात करते है |दूसरों की चर्चा में समय बर्बाद करना एक बड़े स्तर की बेवकूफी है |

    सही समय पर शुरुआत करें – सफल लोग अपने दिन की planing दिन के शुरुआत के साथ कर लेते है कि पूरे दिन भर उन्हें किस तरीके से काम करना है और किस को प्राथमिकता देनी है इसलिए वो लोग जल्दी उठते है अपना दिन प्लान करते है और किसी भी मीटिंग में देर से नहीं जाते है | समय की यही पाबन्दी उन्हें बाकि लोगो से अलग कर देती है |

    भावनाओं पर काबू रखें – ऐसे लोग दूसरे लोगो के कम को judge करने की बजाय अपने काम पर ध्यान देते है और इसलिए वो लोग अन्य सफल लोगो से प्रेरणा लेते हुए मंजिल की और बढ़ते जाते है | अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखते हुए वो किसी के कम में कमियां निकालने की बजाय अपने काम और skills में इम्प्रूवमेंट करते जाते है जिसका नतीजा बाद में उन्हें सफलता के रूप में प्राप्त होता है |

    अतीत को हावी होने न दे – जिन्दगी में हर कोई सफल पैदा नहीं होता और हर किसी को अपनी जिन्दगी खुद से बनानी होती है और जब हम अपने लिए ऐसा करते है तो बहुत सम्भावना है कि हम गलतियाँ भी करते है लेकिन ऐसे में अपनी गलतियों से सबक लेना चाहिए आपके आज के काम के बीच में अपने अतीत की गलतियों को कभी आड़े नहीं आने दे |

    किसी की नक़ल नहीं करें – सफल व्यक्ति बाकि लोगो से प्रेरणा तो लेते है लेकिन वो उनके जेसे बनने की कोशिश नहीं करते है | वो अपने सरल सहज और मूल स्वाभाव में बने हुए हमेसा कुछ न कुछ रचनात्मक करने की कोशिश करते है |

    दोष नहीं दें – आज के दौर में जो लोग सफल है उन्हें विरासत में कुछ अधिक नहीं मिला था और उन्होंने अपना साम्राज्य खुद ही खड़ा किया है इसलिए ऐसा नहीं सोचे कि आपके पास समय कम है या संसाधन कम है बल्कि पूरे उत्साह से अपनी दिशा में काम करें ।

    ये कुछ खासियतें है जो सफल लोगो को असफल लोगो की भीड़ से अलग करती है अगर आप भी इनमे से कुछ अपने में डेवलप कर पाने के सक्षम होते है तो आप भी जिन्दगी में उन्ही की तरह ऊँचाई को छू सकते है और भीड़ से अलग हो सकते है ।

    21 मार्च 2016

    अपना बॉस ख़ुद बनना है तो ये तरीके अपनाएँ

    By: Successlocator On: मार्च 21, 2016
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    मार्टिन जब लिसा हेनेस्से का पालतू कुत्ता पेट की बीमारी की चपेट में आया तो उन्होंने घर में उसके लिए ख़ास डाइट तैयार की थी. लिसा ने देखा कि कुत्ते को भोजन खूब पसंद आया.
    कुछ साल बाद लिसा को ऑटोमोटिव पार्ट्स डिस्ट्रिब्यूटर मैनेजर की अपनी नौकरी गंवानी पड़ी. उन्होंने पालतू पशुओं के भोजन के लिए 'योर पेट कैफ़े' की शुरुआत की, जो कुत्तों के लिए ख़ास तौर पर डाइट तैयार करती है.
    अमरीका के शिकागो में रहने वाली 52 साल की लिसा बताती हैं, "हम आजकल 125 पालतू कुत्तों के लिए डाइट तैयार करते हैं और उन्हें स्वस्थ रखने में मदद करते हैं."
    लिसा ने अपनी ये वेंचर 2012 में शुरू की थी. तब उन्हें हर नए कारोबारी की तरह फंडिंग संबंधी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. बीते तीन साल में उनका काम जम गया है, खर्च निकल आता है लेकिन लिसा को आज भी अपनी सेलरी जितनी रकम नहीं मिल पाती है.
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    वह कहती हैं, "अब मैं निवेशकों को जुटाने की कोशिश कर रही हूं ताकि मैं इसे करती रहूं और घर का खर्चा चलाने के लिए मुझे उबर की टैक्सी नहीं चलानी पड़े."
    नए कारोबार की मुश्किलें
    दरअसल कारोबार की शुरुआत के लिए काफी लगन, अनुभव, शोध, टाइमिंग और परिश्रम की जरूरत होती है. इसके बावजूद कारोबार की दुनिया में कई नाकाम हो जाते हैं. लेकिन इससे कारोबार में हाथ आज़माने वाले कम नहीं हो जाते.
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    कफ़मैन इंडेक्स ऑफ़ इंटरप्रेन्योरियल एक्टिविटी के मुताबिक अमरीका में 2013 के हर महीने में करीब चार लाख छिहतर हज़ार कारोबार लाँच हुए. स्टार्टअप ब्रिटेन के मुताबिक उसी साल ब्रिटेन में करीब पांच लाख नए कारोबार शुरू हुए. रिजर्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया के मुताबिक हर साल ऑस्ट्रेलिया में तीन लाख छोटे मोटे कारोबार शुरू होते हैं.
    अमरीकी स्माल बिज़नेस एडमिनस्ट्रेशन के मुताबकि पांच साल बाद, इनमें से आधे नाकाम हो जाते हैं. जबकि ऑस्ट्रेलिया में हर दिन 44 कारोबार बंद हो जाते हैं.
    (पढ़ें- दोनों हाथ- पांव नहीं, फिर भी सफलता के शिखर पर)
    अमरीकी गैर सरकारी संस्था स्कोर के बिज़नेस मेंटॉर स्टीव ब्लूम कहते हैं, "कारोबार शुरु करने वाला हर शख्स उम्मीद भरा होता है. पुराने अनुभव बताते हैं कि आमदनी आधी होने लगती है और खर्चा दोगुना, ऐसे में कारोबार करने वाला शख्स मुश्किल में आ जाता है."
    ऐसे में आप अपने कारोबार को कैसे कामयाब बना सकते हैं, इसको लेकर कुछ टिप्स...
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    केवल आइडिया नहीं अनुशासन भी
    केवल जोरदार आइडिया से काम नहीं चलेगा. टोरांटो स्थित सिमंस फाइनेंसियल प्लानिंग के प्लानर शानन ली सिमंस कहते हैं, "कोई भी बिज़नेस शुरू कर सकता है, लेकिन उसे काफ़ी ज़्यादा काम करने और आत्म अनुशासित रहने के लिए तैयार होना चाहिए."


    सिमंस कहते हैं, "जो अपना काम शुरू करते हैं, उनके लिए मुनाफे पर जश्न मनाने के बजाए अपने काम पर परिश्रम करना होगा."
    जिस कारोबार में आप किस्मत आज़माने जा रहे हैं उसके बारे में जानकारी और अनुभव से मदद मिलती है. ब्लूम कहते हैं, "अगर आपके पास ये दोनों चीजें नहीं हैं, तो आपको मुश्किलों के बारे में अंदाजा नहीं होगा."
    ख़ास इंडस्ट्री किस तरह काम करती है, ये जानने से आप झटके खाने से बच सकते हैं. प्रतिस्पर्धा और अवसर के बारे में आपको बेहतर पता होगा. इतना ही नहीं आपके कामयाब होने के ज्यादा अवसर होंगे.
    (पढ़ें- मिलिए ऐसे सीईओ से जो बेघर है)
    ब्लूम कहते हैं, "मैं किसी कारोबार के बारे में कुछ नहीं जानता हूं, तो भी उसमें कामयाब हो सकता हूं लेकिन मुझे उस कारोबार के बारे में जानकारी होगी तो मेरा मुनाफा दो से तीन गुना ज़्यादा हो सकता है."
    इन सबके अलावा आपको वित्तीय संसाधन और बिज़नेस प्लान की जरूरत होगी.
    कितने दिन में तैयार कर सकते हैं?

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    कारोबार के बारे में शोध करने के लिए, संसाधन जुटाने में और लाइसेंस हासिल करने में आपको छह से 12 महीने लगेंगे.
    ब्रिटेन के कैंब्रिज बिज़नेस एडवाइजर्स के निदेशक एलन टॉड कहते हैं, "यह लोगों के लिए भिन्न इंडस्ट्री में अलग अलग हो सकता है."
    इन्हें अभी कीजिए
    बिज़नेस प्लान बनाइए. इसके लिए हो सके तो किसी एक्सपर्ट से सलाह लीजिए. बजट तैयार कीजिए. ब्लूम कहते हैं, "ऐसे कई उदाहरण हैं जिसमें अगर शुरुआत से ही सही कदम उठाए गए होते तो वे कारोबार कभी नाकाम नहीं होते."
    ब्लूम सलाह भी देते हैं, "आप कारोबार का बजट बनाइए. जब तक ब्रेक-इवन प्वाइंट आए तब तक. हो सकता है कि वह बजट दोगुना या उसके करीब हो जाए."
    (पढ़ें- सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री से बेहतर कमाई हेयर ड्रेसिंग में)
    कारोबार का ढांचा चुनिए: यह स्थानीयता पर निर्भर करता है. आप जैसा कारोबार करना चाहते हैं उसके मुताबिक ही आपकी टैक्स और लाइसेंस संबंधी देनदारी बनेगी.
    अमरीका में एसबीए डॉट गर्वनमेंट या फिर ब्रिटेन में स्टार्टअप्स डॉट-को-डॉट-यूके से आपको मदद मिल सकती है. अमरीका में लीगल ज़ूम जैसी ऑनलाइन कंपनियां भी आपको अपनी कंपनी तैयार करने में मदद कर सकती है.
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    बैंक से संपर्क करें: अगर आप नौकरी में हैं और अपना काम शुरू करना चाहते हैं तो नौकरी छोड़ने से पहले ही बैंक से पैसों के लिए संपर्क करें. सिमंस के मुताबिक स्व-रोजगार करने वालों के प्रति बैंकिंग संस्थान ज्यादा उत्साह नहीं दिखातीं.
    पहले खुद को परखें: कारोबार को लाँच करने से पहले ख़ुद को परखें. जिस तरह का कारोबार आप करना चाहते हों, उस कारोबार से जुड़े लोगों को मिलकर उसे समझें. सिमंस कहते हैं, "आपको ये सोचना होगा कि क्या लोग आपकी सेवा के लिए भुगतान करेंगे? लोगों को डिस्काउंट दें और उनका फीडबैक भी लें. इससे काफी कुछ सीखने को मिलेगा."
    सभी अनुबंध को पूरा करें: अगर आपने अपने दोस्तों के साथ भी कारोबार शुरू किया हो तो सब बातों को लिखित दस्तावेज का रूप दें.
    मार्टिन ज़वलिंग ने स्टार्टअपप्रोफेशनल डॉट कॉम पर लिखा है, "मैं दो दोस्तों को जानता हूं जो कारोबारी झगड़े के चलते, आज भी, सालों बाद एक दूसरे के खून के प्यासे हैं. आप दोस्त हो सकते हैं, पति-पत्नी हो सकते हैं लेकिन जब कंपनी बढ़ने लगती है तो चीज़ें तेज़ी से बदलती हैं."
    इन्हें बाद में करें
    अपनी प्रगति पर नज़र रखें. नियमित अंतराल पर देखें कि क्या बदलाव हो सकता है. टॉड कहते हैं कि चीज़ें अगर योजना के मुताबिक नहीं होती हैं तो नए कारोबारी एक्शन नहीं लेते. आपको कई बार बदलाव करने के लिए तैयार होना चाहिए.
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    टैक्स संबंधी मदद भी लें. सिमंस कहते हैं, "जब आप नियमित रोजगार से अलग पैसे कमाते हैं तो वह कर के दायरे में आएगा. कर संबंधी सलाह लें और उसे समय से चुकाएं."
    स्मार्ट तरीके से करें
    एक मेंटॉर रखें. अकेले आगे बढ़ने से आप अकेले पड़ सकते हैं. टॉड कहते हैं, "कारोबार शुरू करने वाले ज़्यादातर लोगों को कोच या मेंटॉर रखने पर फ़ायदा होता है."
    स्थानीय संसाधनों का इस्तेमाल करें. कई लघु उद्योग विकास संबंधी एसोसिएशन और स्थानीय चैंबर ऑफ़ कॉमर्स मार्केटिंग से लेकर सॉफ्टवेयर से लेकर कर संबंधी विवरण रखने की सुविधा मामूली शुल्क पर देती है. आप इन सुविधाओं का फ़ायदा लेने की संभावनाओं को तलाशें.
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    12 नव॰ 2015

    अमीर बनना हैं तो अपनाएं ये आठ आसान तरीके

    By: Successlocator On: नवंबर 12, 2015
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    1. योजनाबद्ध तरीके से कार्य कीजिए व कार्य कि शुरुआत तुरंत कीजिए।
    2. लक्ष्य निर्धारित करना होगा फिर पूरे मन से अपने आप को इसके लिए समर्पित करना होगा।
    3. अधिक धन कमाने के लिए अधिक से अधिक योग्य व अनुभवी लोगों के साथ सम्पर्क बनाएं।
    4. किसी का दिल मत दुखाईये सच बोलिए, सच बोलने का अहंकार नही साहस होना चाहिये।
    5. यदि आप अपनी गिनती भी धनी लोगों में करवाना चाहते हैं तो अपने समय की कद्र करना सीखिये।
    6. धन-कुबेर बनने के लिए हमेशा याद रखिए कि आज का काम कल पर मत छोडें, क्योंकि जो कार्य आप कल करना चाहते हैं उसमें से बहुत सा काम कभी हो ही नहीं पाता।
    7. जहां तक सम्भव हो अपनी रूचि का काम कीजिए, जब आप अपनी रूचि का काम करेंगें तो आप अधिक सफल होंगे।
    8. जब आप पूरे उत्साह्, धैर्य, लगन व निष्ठा से कोई भी काम करेंगें तो आप अवश्य कामयाब होंगे और आपको अमीर बनने से कोई रोक नहीं सकता

    करोड़पति लोग ऐसा क्या करते हैं की वो करोड़ पति है

    By: Successlocator On: नवंबर 12, 2015
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    कामियाब लोग, करोड़ पति लोग, ऊँची स्थिति पर काम करने वाले लोग कामयाब प्रोफेस्सेर ऐसा क्या जानते है जो सायद आप नहीं जानते?
    यही हैं आज की इस पोस्ट का टॉपिक, कुछ लोग ऐसा क्या जानते हैं, ऐसा क्या करते हैं की वो करोड़ पति हो जाते हैं और बाकि लोग एसा क्या नहीं जानते, ऐसा क्या नहीं करते जो सारी उम्र संघर्ष करते रहते है।

    हो सकता हैं की यह पोस्ट आपकी जिंदगी में आपकी आगे बढ़ने में बहुत मदद कर सकती हैं।
    सारे के सारे करोड़ पति, सारे के सारे कामियाब लोग शिक्षित नहीं है, और न ही किसी अलग अकल के मलिख, और न की अपने बाप-दादा की छोड़ी हुई दोलत के कारण अमीर हैं।
    इन मेसे ज्यादातर आम इन्सान हैं, कम पढ़े लिखे, औसत अकल और बाप-दादा की छोड़ी हुई कोई दोलत नहीं और न ही किसी बीवी के द्द्वारा लाया गया बड़ा दहेज़।
    फर्क सुरु होता हैं first impression से. कहते हैं first 60 सेकंड में जो सामने वाला आपके बारे में सोच लेता हैं वही इमेज बार-बार दोहराता है और यही बात हर जगह लागु होती हैं, बिज़नस डील में, जॉब के इंटरव्यू में और शादी के लिए बातचीत में।
    first 60 सेकंड में आपका first impression बनना हैं, और पुरे जिंदगी दुबारा आपको कभी भी एसे 60 सेकंड नहीं मिलने वाले हैं, first impression देने के लिए।
    सामने वाला 80 पर्तिशत फैसला आपके first 60 सेकंड में ही लेलेता हैं, और बाकि की बोली प्रक्रिया (biding) उसके द्वारा लिया गया फैसला उसको सही साबित करने में लग जाती हैं।
    और वो सही साबित हो भी जाता हैं,
    और यह बात जो जानते हैं, यह बात जो करते हैं वो करोड़ पति बन जाते हैं, बड़ी-बड़ी स्थिति पर पहुच जाते हैं और कामियाब हो जाते है।
    अब तो आप भी जान गये की आपको first 60 सेकंड में अपना बेस्ट impression देना हैं। लेकिन कैसे? ऐसा क्या करना होगा की first 60 सेकंड में आपका बेस्ट impression जाये।
    कुछ भी नहीं करना होगा, में वापस बोलता हु की कुछ भी नहीं करना होगा।
    समझ नहीं पा रहे हैं? कुछ भी नहीं करना होगा, और हमारा first impression इसीलिए सही नहीं जाता क्योंकि हम उसके लिए कुछ करता है, और वो नकली और होता हैं, Fake होता हैं, दिखावा होता हैं।
    और असली impression, सही impression तो हमारी शारीर की भाषा, हमारी पोशाक, हमारे चेहरे की अभिवक्ति, जीभ की आवास, ये दे जाते हैं और यह हमेशा सही होता हैं।
    जब हम कोई दिखावा करने की कोसिस करते हैं , कुछ बनावटी देने की कोसिस करते है तो हमारी शारीर की भाषा, हमारे चेहरी की अभिव्यक्ति, हमारे जीभ की आवाज वो भी बनावटी हो जाती हैं।
    आप जो भी जो उस सामने वाले को दिखाई देता हैं, आप कोयला हो या हिरा हो सामने वाला पहचान लेता है, और अगर सामने वाला नहीं पहचान पाया या तो आप नकली हो या फिर वो नकली हैं, या तो आप हेरा नहीं हो या फिर वो जौहरी नहीं है।
    आप बस असल जिंदगी में सच्चे-सुच्चे इन्सान बन जाओ सामने वाला जल्दी स्वीकार करेगा और आप जल्दी तरक्की करोगे।
    जुट बोल के, दिखावा करके, बनावटी हो के कोई भी इन्सान आज तक करोड़ पति नहीं बन पाया, ऊँची-ऊँची स्थिति पर नही पहुच पाया, एक कामियाब प्रोफेशनल नहीं बन पाया।
    अगर जिंदगी में कुछ करना है न या कुछ बनाना है तो बस सच बोल दो..!!
    जो लोग अभी कामियाब नहीं हुए न उनको लगता हैं की जुट से विकास आसन हो जाता है, मेरे प्रिय मित्रो केवल सच से ही विकास मिलता हैं और स्थाई (Permanent) मिलती है।
    जुट बनावट शॉर्टकट हो सकता है, लेकिन शोर्ट रन के लिए। और लॉन्ग रन शॉर्टकट से नहीं चली जाती।
    सच्चे रहो, सच्चे-सुच्चे इन्सान, इमानदार, वफादार रहो क्योंकि इमानदार, वफादार और सच्चे-सुच्चे बन्दे को दिखाना नहीं पढता बल्कि दिखाई दे जाता है।
    तो अगर आप चाहते हो की सामने वाला आप पर विश्वास करे, आपको वो सच्चा-सुच्चा इन्सान समझे, आपको वो इमानदार इन्सान समझे, आपको वफादार सोचे तो आपको ऐसा ही बनना पड़ेगा।
    दूसरा जरुरी व्यवहार जो करोड़ पति में पाया हैं, कामियाब प्रोफेशनल में पाया हैं, और ऊँचे-ऊँचे स्थिति पर बैठे लोगो में पाया हैं। वो है दुसरे की मदद करनी। वो स्वार्थी नहीं होते है, वो केवल अपनी डुग-दुगी नहीं बजाते है।
    अगर आप गूगल पर जाओ, और गूगल की पालिसी पढो, तो आप समझ जाओगे की में क्या कहना चाहता हूँ। गहराग को क्या चाहिए, गहराग को कैसे फ़ायदा हो सकता हैं, गहराग को कैसे खुस किया जा सकता हैं, आप केवल इतना ही करो प्रॉफिट अपने आप कही न कही से आ ही जाएगा।
    और आज गूगल सबकुछ फ्री देता हैं, सर्च इंजन फ्री, जीमेल फ्री, गूगल मैप फ्री, YouTube फ्री, जीपीएस फ्री पता नहीं कितनी apps फ्री फिर भी अगर आप देखो तो गूगल दुनिया के सबसे अमीर कंपनी में से एक हैं।
    हमारे यहाँ के लोग तो यह भी बताना पसंद नहीं करते की अच्छी सब्जी कहा से मिलती है, कही दुसरे के घर में भी अच्छी सब्जी ना आ जाए। मेरे पास प्रूफ हैं, मेरे 90 पर्तिशत इस पोस्ट को पढने वाले दुसरो को यह नहीं बताते की कहा से सिख रहे है और आप भी इन्ही 90 पर्तिशत में सामिल हो।
    मेरे प्रिय मित्रो अगर आप कामियाब होना चाहते हो, अगर आप करोडपति बनना चाहते हो, अगर आप ऊँची-ऊँची स्थिति पर काम करना चाहते हो, तो दुसरे को कामियाब करने के तरीके धुन्धो, वो अपने आप आपको कामियाब करने के तरीके धुंधेगे।
    अगला अब जो मेने उनमे पाया है वो है धन्यवाद का व्यवहार। ये लोग शुक्रगुजार (Thankful) होते है। नाशुक्र (thankless) नहीं होते। अगर आपको बोला जाए की कुछ सोचो की कभी आप किसी के काम आये थे। कही भी। तो आपको बहुत बाते याद आ जाएगी, किसी को नोकरी दिलवाई होगी, किसी को पैसे की मदद की होगी, किसी को अस्पताल में एडमिट करवाया होगा, किसी को लिफ्ट दी होगी, और किसी को और किसी को फ्री में पढाया होगा।
    लेकिन,
    कभी सोचा है की लोग आपके कहा-कहा काम आये थे, किसी ने आपको नौकरी दिलवाई होगी, किसी ने पैसे की मदद की होगी, किसी ने आपको लिफ्ट दी होगी कोई आपके बुरा समय में काम आय होगा।
    सोचा ही नहीं कभी और अगर सोचा भी होगा तो अकेले में। जो आपके काम आया था उसको तो पता भी नहीं होगा जो आप उसकी गैर मौजूदगी में आप उसके बारे में सोचते हो।
    इस पोस्ट को ख़तम होते ही आपको ऐसे ही एक व्यक्ति को कॉल करना है और उसका धन्यवाद करना है और यह अभ्यास रोज अलग-अलग लोगो के लिए करनी है। और इसके बाद देखना जादू आपकी कामयाबी कहा से कहा पहुँच जाएगी।
    मन्दिर में, मस्जिद में, गुरुद्वारे में, चर्च में, भगवान् जी का, खुदा का, उस गॉड का, उस वाहे गुरु का आश्रीवाद लेते होना तो वो जरुर लो।
    और साथ में अपने गाइड का, अपने ध्यान रखने वाले का, अपने अध्यापक का, अपने सलाहकार का उनका भी आश्रीवाद लो और उनको भी धन्यवाद् बोलो। कमियाबी का जादू रोज दिखेगा। और यह सभी कामियाब लोग यही करते है।
    तो इस पोस्ट का केंद्रीय विचार क्या निकला?
    नंबर एक: पहले 60 सेकंड का ही प्रभाव ही आपके व्यापार समझोता (Business Deal) final करवा सकता है, व्यवसाय को कामियाब करवा सकता है और आपको ऊँची-ऊँची स्थान पर जॉब दिलवा सकता है। और इन 60 सेकंड में आप दिखावटी नहीं कर सकते, बनावटी नहीं कर सकते हो। जो बनना चाहते हो, जो दिखना चाहते हो वो बन जाओ। क्योंकि आपकी शारीर की भाषा (Body Language), आपके चेहरे के अभिव्यक्ति (Face Expression), आपकी जीभ की आवाज (Tongue of Voice) वैसी ही बन जाएगी।
    नंबर दो: दुसरो की मदद करो उनको जताओ, उनको कामियाब करवाओ, उनके बारे में सोचो, वो चाहे आपके ग्राहक है, आपके नौकर है या आपके दोस्त या आपके रिश्तेदार। जैसे ही आप उनकी तरक्की के बारे में सोचोगे वो अपने आप आपकी तरक्की के बारे में सोचना शुरू कर देंगे।
    और तीसरा: धन्यवान का व्यवहार (Attitude of Gratitude)। अपने अध्यापक, अपने मार्ग दिखने वाला (Guide), अपने सलाहकार (Advisor), अपने ध्यान रखने वाले को रोज धन्यवाद करो। उनको सूचित करो की आपकी किमियाबी में उनका भी बहुत बड़ा हाथ है, और उन लोगो को भी धन्यवाद करो जो कभी न कभी-कही न कही आपकी मदद की थी। और उन लोगो को भी धन्यवाद करो जिन्हें आप नहीं जानते हो लेकिन हो सकता है उनका योगदान भी आपकी कमियाबी में आपकी तरक्की में हो।
    मेरे सभी प्यारे दोस्तों ये तीनो बाते मेने हर करोड़ पति में पाई है, हर कामियाब प्राध्यापक (Professor) में पाई है, और हर ऊँची स्थान पर काम करने वाले लोगो में पाई है।
    और इन तीनो बातो का एक जादू जो है: वो कामियाब है।

    8 नव॰ 2015

    1009 बार फ़ैल होने के बाद मिली सक्सेस

    By: Successlocator On: नवंबर 08, 2015
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  • KFC Chicken Motivational Success Story in Hindi

    KFC Chicken motivational story hindi
    यह Hindi Motivational story एक कर्नल सैंडर्स नामक व्यक्ति की है जिहोने 1009 बार रिजेक्ट मिलने के बाद KFC Chicken बनाया।
    आपको KFC का चिकन पसंद है या नहीं लेकिन KFC के success के पीछे कर्नल सैंडर्स की story आपको जरुर पसंद आएगी। एक हाईवे बनने के कारन कर्नल सैंडर्स को बहुत नुकसान हुए। उनका चलता हुआ बिज़नस बंद हो गया। उम्र जब 65 हो चुकी थी और हाल यह था की खोने के लिए अब उनके पास में कुछ भी नहीं बचा था।

    उनको अपने चिकन प्रयोग पर बहुत भरोसा था, वो मसाले और प्रेसर कुकर लेकर निकल पड़े अपनी चिकन बनाने का प्रयोग की मार्केटिंग करने। उन्होंने अलग-अलग रेस्टोरेंट से मिलना शुरू किया। और सब उनको रिजेक्ट करते गये।
    लेकिन कर्नल सैंडर्स भी अड़े रहे, लगे रहे, सीखते रहे और चलते रहे। और करते-करते एक हजार नौ (1009) लोगो ने उनको रिजेक्ट कर दिया फिर जाकर उनको मिली उनकी पहली हाँ।
    हाँ अपने सही पढ़ा है, एक हजार नौ बार रिजेक्ट होने के बाद, एक हजार नौ बार ना सुनने के बाद उनको उनकी पहली हाँ मिली।
    सोचो 65 की उम्र में, एक एसी उम्र जब लोग रिटायर हो जाते है, एक इस उम्र में जब लोग दुबारा उठने से हार मान लेते है। उस उम्र में उन्होंने अपने चिकन प्रयोग के साथ एक ऐसा बिज़नस खड़ा कर दिया जो आज 120 देश में है, 18000 से ज्यादा KFC के रेस्टोरेंट्स (Restaurants) है और 20 अरब डॉलर से ज्यादा उनका एक साल की कमाई है।
    मुस्किल इस दुनिया में कुछ भी नहीं फिर भी लोग अपने इरादे तोड़ देते है, अगर सच्चे दिल से हो चाहत कुछ पाने की तो सितारे भी अपनी जगह छोड़ देते है।

    2 अक्टू॰ 2015

    300 रुपये कमाने वाला कैसे बना अरबो का मालिक

    By: Successlocator On: अक्टूबर 02, 2015
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    धीरूभाई अंबानी

    300 रुपये कमाने वाला कैसे बना अरबो का मालिक —

     

     
     
     
    कुछ लोग सिल्वर स्पून के साथ जन्म लेते हैं तो कुछ अपनी मेहनत से जीवन को आदर्श बना दते हैं और वही बाकि लोगो के लिए प्रेरणा बनते है ऐसी ही शख्सियतों में एक नाम स्व. धीरूभाई अंबानी का भी आता है।
    ये कहानी है संघर्ष की जो हर किसी को जीवन में कही न कही, कभी न कभी करना पड़ता है ये कहानी है धीरूभाई हीराचंद अंबानी की एक business tycoon की जिसने अपनी मेहनत के दम पर भारत ही नहीं पुरे विश्व में अपना और भारत का परचम लहराया। गुजरात के एक छोटे से गांव चोरवाड से निकल के धीरूभाई ने जो साम्राज्य स्थापित किया उसने हर किसी को हैरत में डाल दिया ! धीरूभाई अंबानी का जन्म 28 दिसंबर 1932 को हुआ। उनके पिता हीराचंद गोवरधनदास अंबानी  एक स्कूल में शिक्षक थे धीरूभाई ने बालपन में ही घर की आर्थिक मदद करनी शुरू कर दी थी। इस समय वे गिरनार के पास भजिये की दुकान लगाया करते थे ! 1949 में महज १6 साल की उम्र में वो यमन चले गए और वहाँ उन्होंने A. Besse & Co. के साथ  ३०० रुपये की मासिक सैलरी पर काम किया | 1952 में, धीरुभाई भारत वापस आ गए और 15000.00 की पूंजी के साथ (Reliance Commercial Corporation) की शुरुआत की और यहीं से शुरू हुई उनकी व्यावसायिक यात्रा। यह एक टेलीफोन, एक मेज़ और तीन कुर्सियों के साथ एक 350 वर्ग फुट का कमरा था। आरंभ में, उनके व्यवसाय में मदद के लिए दो सहायक थे। 1954 में, चंपकलाल दिमानी और धीरुभाई अंबानी की साझेदारी खत्म हो गयी और धीरुभाई ने स्वयं शुरुआत की. यह माना जाता है की दोनों के स्वभाव अलग थे और व्यवसाय कैसे किया जाए इस पर अलग राय थी।equity cult भारत में प्रारम्भ करने का श्रेय भी धीरुभाई जाता है धीरुभाई गुजरात के ग्रामीण लोगों को समझाया कि अगर वो Reliance पर पैसा लगते है तो उन्हें ही फायदा होगा | Reliance एक मात्र ऐसी कंपनी थी जिसकी वार्षिक बैठके भी क्रिकेट स्टेडियम Cross मैदान पर हुई होती थी जिसमे 35,000 शेयरधारक भाग लेते थे
    दोस्तों ऐसा नहीं है की धीरू भाई को शिखर तक पहूचने कोई परेशानी नहीं हुई उन्हें भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ा ! जितनी जल्दी धीरूभाई ऊपर जा रहे थे उससे कई लोगो को प्रॉब्लम होने लगी उनमे से एक थे नसली वाडिया और धीरूभाई के दोस्त रामनाथ गोएंका ! नसली वाडिया  एक समय में धीरुभाई और रिलायंस उद्योग के सबसे बड़े प्रतिस्पर्धी थे नसली वाडिया की पहुच राजनितिक की बड़ी हस्तियों तक थी और वो समय समय पर धीरूभाई के लिए परेशानिया खड़ी करते रहे ! रामनाथ गोयनका नसली वाडिया के भी करीब थे कई मौकों पर, रामनाथ गोएंका दोनों लड़ने वाले गुटों के बीच हस्तक्षेप करने की कोशिश करते थे ताकि दुश्मनी का अंत किया जाए
    रामनाथ गोयंका धीरूभाई से कुछ बातों के लेकर असहमत थे और ये बात आगे चल कर मनमुटाव का कारण बनी और  मनमुटाव इतना बड़ा की दोस्ती दुश्मनी में बदल गयी ! रामनाथ गोयंका ने खुल कर  नसली वाडिया का समर्थन किया ! दुश्मनी इस हद तक बढ़ चुकी थी कि रामनाथ गोयंका ने एक बार कहा  ‘नसली एक अँगरेज़ आदमी है .वे अंबानी को संभाल नही सके. मैं एक बनिया हूँ मैं जानता हूँ कि कैसे ख़त्म करना है”….
    रामनाथ गोयंका का एक News paper निकलता था इंडियन एक्सप्रेस उसमे बस धीरूभाई अम्बानी की खबर छापने लगी थी जो ये दावा करती थीं कि धीरुभाई अनैतिक व्यवसायिक पद्धतियों का प्रयोग अधिकाधिक मुनाफे को बढ़ने के लिए कर रहे हैं। रमानाथ गोएंका इंडियन एक्सप्रेस में अपने कर्मचारियों को इस मामले कि तहकिकात के लिए इस्तेमाल नही करते थे बल्कि उन्होंने इसके लिए अलग से अपने एक करीबी  एस. गुरुमूर्ति को रखा जिसका काम धीरूभाई की गतिविधियों पर नज़र रख कर खबरे बनाने का था
    अब रामनाथ गोयंका ने सरकार पर भी आरोप लगने लगे की सरकार धीरूभाई का सपोर्ट कर रही है धीरूभाई ने जो सम्पत्ति अनैतिक तरीको से कमाई है वो उसके लिए धीरू भाई को दण्डित नहीं कर रही है  ग्यानी जेल सिंह भारत के सातवें राष्ट्रपति थे।  गुरुमूर्ति ग्यानी जेल सिंह के साथ रहे और उनकी तरफ़ से प्रधानमंत्री को एक प्रतिकूल फर्जी पत्र लिखा |  जैल सिंह ने राजीव गाँधी को पत्र भेजने से पहले ही पत्र में correction कर दिए थे । इस बात से बेखबर रामनाथ गोयंका ने वो फर्जी पत्र इंडियन एक्सप्रेस में छाप दिया । बिना ये जाने की राष्ट्रपति ने उसमे correction किये है अब लड़ाई रामनाथ गोयंका की धीरूभाई से हटकर प्रधनमंत्री और रामनाथ गोयंका के बीच की हो गयी और धीरूभाई इसमें से बड़ी ही चतुराई से इसमें से अलग हो गए!
    धीरूभाई से जुडी ये कुछ घटनाये है जो हमें सिखाती है की मुश्किलो का सामना कैसे किया जाये ! दुनिया में शायद कोई ही हो जिसे मुश्किलो का सामना न करना पड़ा हो। . और जो मुश्किलो का डट के मुकाबला करता है वो धीरूभाई बनता है । दोस्तों धीरूभाई कहते थे “धीरुभाई एक दिन चला जाएगा. पर रिलायंस के कर्मचारी और शेयरधारक इसे चलाते रहेंगे/ बचाए रखेंगे. रिलायंस अब एक ऐसी अवधारण है जहाँ पर अब अंबानी अप्रासंगिक हो गए हैं। ”
    एक major stroke के बाद धीरुभाई अंबानी को मुंबई के ब्रेच कैंडी अस्पताल में 24 जून, 2002 को भर्ती किया गया। धीरूभाई 6 जुलाई (July 6), 2002 की रात को हमें छोड़ के चले गए उनके अन्तिम संस्कार न केवल व्यापारियों, राजनीतिज्ञों और मशहूर हस्तियों ने शिरकत की बल्कि हजारों आम लोगों ने भी भाग लिया। धीरुभाई के मरने के समय, रिल्यांस समूह की सालाना राशि रूपये (Rs.) 75,000 करोड़ या USD $ 15 बिलियन.  धीरुभाई ने ये व्यवसाय केवल 15, 000(US$350) रूपये (Rs.) से शुरू की थी।
    धीरू भाई अपने पीछे एक बहुत बड़ी विरासत छोड़ गए अब उससे उनके बेटे मुकेश और अनिल सँभालते है