24 फ़र॰ 2016

आदमी को कितनी ज़मीन चाहिए?

By: Successlocator On: फ़रवरी 24, 2016
  • Share The Gag
  • सफलता की कुंजी
    आदमी को कितनी ज़मीन चाहिए?

    रूस में एक बहुत बड़े लेखक हुए हैं, इतने बड़े कि सारी दुनिया उन्हें जानती है। उनका नाम था लियो टॉल्स्टॉय, पर हमारे देश में उन्हें महर्षि टॉल्स्टॉय कहते है। उन्होंने बहुत-सी किताबें लिखी है। इन किताबों में बड़ी अच्छी-अच्छी बातें है। उनकी कहानियों का तो कहना ही क्या! एक-से एक बढ़िया है। उन्हें पढ़ते-पढ़ते जी नहीं भरता।

    इन्हीं टॉल्स्टॉय की एक कहानी है-'आदमी को कितनी जमीन चाहिए.?' इस कहानी में उन्होंने यह नहीं बताया कि हर आदमी को अपनी गुज़र-बसर कें लिए किनती ज़मीन की जरूरत है। उन्होनें तो दूसरी ही बात कहीं है। वह कहते हैं कि आदमी ज्यादा-से-ज्यादा जमीन पाने के लिए कोशिश करता है, उसके लिए हैरान होता है, भाग-दौड़ करता है, पर आखिर में कितनी जमीन उसके काम आती है? कुल छ:फुट, जिसमें वह हमेशा के लिए सो जाता है।

    यों कहने को यह कहानी है, पर इसमें दो बातें बड़े पते की कही गयी है। पहली यह कि आदमी की इच्छाऍं, कभी पूरी नही होतीं। जैसे-जैसे आदमी उनका गुलाम बनता जाता है, वे और बढ़ती जाती हैं। दूसरे, आदमी आपाधापी करता है, भटकता है, पर अन्त में उसके साथ कुछ भी नहीं जाता।

    आपको शायद मालूम न हो, यह कहानी गांधीजी को इतनी पसन्द आयी थी कि उन्होनें इसका गुजराती में अनुवाद किया। हजारों कापियॉँ छपीं और लोगों के हाथों में पहुँचीं। धरती के लालच में भागते-भागते जब आदमी मरता है तो कहानी पढ़ने वालों की ऑंखे गीली हो आती है। उनका दिल कह उठता है-'ऐसा धन किस काम का!'

    अपनी इस काहानी में टॉल्सटॉय ने जो बात कही है, ठीक वहीं बात हमारे साधु-सन्त, और त्यागी-महात्मा सदा से कहते आये है। उन्होने कहा है कि यह दुनिया एक माया-जाल है। जो इसमें फँसा कि फिर निकल नहीं पाता। लक्ष्मी यानी धन-दौलत को उन्होंने चंचला माना है। वे कहते हैं, "पैसा किसी के पास नहीं टिकता। जो आज राजा है, वही कल को भिखारी बन जाता है।"

    आदमी इस दुनिया में खाली हाथ आता है, खाली हाथ जाता है। किसी ने कहा है न:

    आया था यहॉँ सिकन्दर, दुनिया से ले गया क्या?
    थे दोनों हाथ खाली, बाहर कफ़न से निकले।

    संत कबीर ने यही बात दूसरे ढ़ंग से कही है:

    कबीर सो धन संचिये, जो आगे कूँ होइ।
    सीस चढ़ाये पोटली, जात न देखा कोई॥

    उर्दू के मशहूर कवि नज़ीर अकबराबादी ने जो कहा है, वह तो बच्चे-बच्चे की जवान पर है:

    सब ठाठ पड़ा रह जायेगा, जब लाद चलेगा बंजारा।

    एक मुसलमान सन्त ने तो यहॉँ तक कहा है, "ए इंसान, दौलत की ख्वाहिश न कर। सोने में गम का सामान है, उसकी मौजूदगी में मुहुब्बत खुदगर्ज और ठंडी हो जाती है। घमंड ओर दिखावे का बुखार चढ़ जाता है।"

    आप कहंगे, "वाह जी वाह, आपने तो इतनी बातें कह डालीं। पर मैं पूछता हूँ कि बिना धन के किसका काम चलता है? साधु-सन्तों की बात छोड़ दीजिए, लेकिन जिसके घर-बार है, उसे खाने को अन्न चाहिए, पहनने को कपड़े और रहने को मकान चाहिए। और, आप क्या जानते नहीं, जिसके पास पैसा है, उसी को लोग इज्जत करते हैं, गरीब को कोई नहीं पूछता।"

    "आपकी बात में सचाई है, पर एक बात बताइए—"आप रोटी खाते हैं?"

    "जी हॉँ। सभी खाते हैं।"

    "किसलिए?"

    "पेट भरने के लिए।"

    "जानवर खाते हैं?"

    "जी हॉँ।"

    "किसलिए?"

    "पेट भरने के लिए?"

    "ठीक। अब मुझे यह बताइए कि जब आदमी और जानवर दोनों पेट भरने के लिए खाते हैं तो फिर दोनों में क्या अन्तर क्या रहा?"

    "यह भी आपने खूब कही! साहब, आदमी आदमी है, जानवर जानवर।"

    "यह तो मैं भी मानता हूँ, पर मेरा सवाल तो यह है कि उन दोनों में अन्तर क्या है?"

    "अन्तर! अन्तर यह है कि जानवर खाने के लिए जीता है, आदमी जीने के लिए खाता है।"

    "वाह, आपने तो मेरे मन की ही बात कह दी। यही तो मैं कहना चाहता था। जब आदमी जीने के लिए खाता है, तब उसके जीवन को कोई उद्देश्य धन कमाना नहीं हो सकता। धन कमाने का मतलब होता है पेट के लिए जीना; और जो पेट के लिए जीता है, उसका पेट कभी नहीं भरता। आदमी तिजोरी में भरी जगह को नहीं देखता। उसकी निगाह खाली जगह पर रहती है। इसी को 'निन्यानवे का फेर' कहते हैं। स्वामी रामतीर्थ ने एक बड़ी सुन्दर कहानी लिखी है। एक धनी आदमी था। वह ओर उसकी स्त्री, दोनों हर घड़ी पेरशान रहते थे और अक्सर आपस में लड़ते रहते थे। उनका पड़ोसी गरीब था, दिन-भर मजूरी करता था। औरत घर का काम करती थी। रात को दोनों चैन की नींद सोते थे। एक दिन धनी स्त्री ने कहा, "इन पड़ोसियों को देखो, कैसे चैन से रहते हैं!" आदमी ने कहा, "ठीक कहती हो।"

    अगले दिन उसने किया क्या कि पोटली में निन्यानवे रुपये बॉँधे और उसे गरीब पड़ोसी के घर में डाल दिया। पड़ोसी ने रूपये देखे। उसकी आँखे चमक उठीं। उसी घड़ी लोभ ने उसे धर दबोचा। वह निन्यानवे के सौ और सो के एक सौ एक करने में लग गया। फिर क्या था! उसकी नींद हराम हो गयी। सुख भाग गया। मेहनत की खरी कमाई का आनन्द सपना हो गया।


    23 फ़र॰ 2016

    सफलता की हिंदी कहानियाँ, Real Businessman Story in Hindi

    By: Successlocator On: फ़रवरी 23, 2016
  • Share The Gag
  • सफलता की हिंदी कहानियाँ, Real Businessman Story in Hindi

    स्वामी विवेकानंद ने कहा है कि दुनिया में तीन तरह के लोग होते हैं –
    1 . ये वो हैं जो समय के साथ खुद को नहीं बदलते और पिछड़ जाते हैं ,
    2. ये वो लोग हैं वो समय के साथ खुद को बदल लेते हैं और आगे बड़ जाते हैं
    3. ये वो लोग हैं जो समय के अनुसार नहीं बदलते बल्कि समय को ही अपने अनुसार बदल देते हैं और इन्हीं को युगपुरुष कहा जाता हैं जो सदियों में एक बार जन्म लेते हैं ।

    Andrew Carnegie ये नाम है उस शख्स का जिसे स्टील टाइकून(स्टील किंग) कहा जाता है । जो अपने धैर्य और परिश्रम की वजह से दुनियां के सबसे अमीर आदमी बने । इनका जन्म एक बहुत ही गरीब परिवार में हुआ था जिनके पास दो वक्त का खाना जुटाने के लिए भी पैसे नहीं थे और केवल एक कमरे का घर था । ये स्कॉटलैंड के रहने वाले थे लेकिन गरीबी और भुखमरी की वजह से ये लोग काम की तलाश में अमेरिका आ गए । घर की दरिद्रता की वजह से ऐन्ड्रू की पढ़ाई भी नहीं हो पायी और 13 साल की छोटी सी उम्र में घर घर का भार सँभालने की जिम्मेदारी कन्धों पे आ गयी ।

    13 साल के ऐन्ड्रू ने एक कपड़े बनाने की फैक्ट्री में छोटी सी नौकरी कर ली जहाँ उसे 12 घंटे और सातों दिन कठिन परिश्रम करना पढता , लेकिन जिस इंसान में लगन होती है वही कोयले से हीरा बनाने का माद्दा रखते हैं । ऐन्ड्रू काम से समय निकाल कर सफल लोगों की कहानियां पढता था उनसे प्रेरणा लेता था । धीरे -धीरे समय बीतता गया , ऐन्ड्रू ने कुछ दिन बाद एक पोस्टमैन की नौकरी भी की । शहर में बड़ी लाइब्रेरी थी जहाँ किताबों का विशाल संकलन था । ऐन्ड्रू वक्त निकाल कर लाइब्रेरी में पढता रहता था । यहाँ उसने कुछ इंटस्ट्री और बिज़निस के बारे में सीखा , नौकरी करते हुए कुछ पैसे इकट्ठे किये और धीरे धीरे स्टील बनाने वाली कम्पनीयों में इन्वेस्ट करने लगे जिससे उन्हें अच्छी इनकम हो जाती थी इसी तरह समय का चक्र चलता गया और फिर ऐन्ड्रू ने एक दिन अपनी खुद की कंपनी बनाने की सोची ।

    यही सोचकर Carnegie Steel Corporation नाम की एक कंपनी की स्थापना की शुरुआत में कंपनी औसत रही लेकिन ये ऐन्ड्रू कार्नेगी की मेहनत और लगन का ही नतीजा था की कुछ ही सालो में ऐन्ड्रू स्टील किंग बन गए और बहुत जल्द उन्हें Builders of America का अवार्ड मिला । एक समय था जब ऐन्ड्रू कार्नेगी की अकेली कंपनी पूरे ब्रिटेन से ज्यादा स्टील उत्पादन करती थी । और इसी लगन ने एक दिन ऐन्ड्रू को बना दिया “दुनिया का सबसे अमीर इंसान “, 1889 में ऐन्ड्रू कार्नेगी को दुनिया का सबसे अमीर इंसान घोषित किया गया ।

    अपनी लगन और परिश्रम से ऐन्ड्रू ने इतिहास को बदल कर रख दिया जिस व्यक्ति का परिवार एक समय भुखमरी से जूझा हो उसके लिए दुनिया का सबसे अमीर आदमी बनना एक मिशाल पेश करने से काम नहीं हैं ।

    तो मित्रों दृंढ निश्चय और मेहनत से पहाड़ो का भी सीना चीरा जा सकता है बस जरुरत है अपने आत्मविश्वाश को जगाने की

    22 फ़र॰ 2016

    4 प्रेरणादायी कहानियां जो आपकी जि़न्दगी बदल सकती हैं ।

    By: Successlocator On: फ़रवरी 22, 2016
  • Share The Gag
  • 4 प्रेरणादायी कहानियां जो आपकी जि़न्दगी बदल सकती हैं



    दोस्तो, कई बार ऐसा होता है कि अपने सपने को पूरा करने के प्रयास में कई बार हम थोड़ा बहुत demotivated हो जाते हैं। ये लाजि़मी हैं क्योंकि सफलता मिलने से पहले काफी चुनौतियां हमारे सामने आती हैं। ऐसे में सफल लोगों की प्रेरणादायी कहानियां पढ़कर हम लोग अपने आपको फिर charge कर सकते हैं। चलिए आज मैं आपको कुछ एक महान् लोगों short inspirational stories की बताता हूं। 
    1. सॉईचिरो होंडा
    सॉईचिरो होंडा Honda company के संस्थापक हैं। आज Honda कम्पनी दुनिया की अग्रणी वाहन कम्पनियों में से एक है। वैसे सॉईचिरो होंडा ने तो कभी सोचा भी नहीं था कि वे अपनी कम्पनी शुरू करेंगे, वे तो Toyota कम्पनी में जॉब करना चाहते थे। जब वे Toyota में interview देने के लिए गए तो उनको यह कहकर reject कर ​िदया गया कि वे job के लिए उपयुक्त नहीं हैं। सॉईचिरो इस बात से काफी दुखी हुए और उन्होने decide किया के वे एक ऐसी कम्पनी बनाएंगे जो Toyota से मुकाबला करेगी। और आज हम जानते हैं कि Honda, Toyota से बड़ी कम्पनी है। दोस्तों जि़न्दगी में सबको कभी न कभी rejection का सामना करना पड़ता है परन्तु इसका मतलब यह नहीं है कि आप का​िबल नहीं हैं।
    2. स्टीफन किंग
    स्टीफन किंग को हम लोग एक बेहतरीन novelist के तौर पर जानते हैं, परन्तु शुरू में कोई भी publisher उनका novel छापने के लिए तैयार नहीं था। बहुत से publishers को ​िदखाने के बाद भी जब उनका novel नहीं छपा तो वे इतने निराश हो गए कि उन्होने अपना novel कूड़ेदान में फेंक ​िदया। उनकी पत्नी ने novel को कूड़ेदान उठाया और उनसे novel को दूसरे publishers को ​िदखाने के लिए प्रेरित किया। आखिरकार उनका novel publish हो गया और आज Stephen King हमारे सामने एक महान् novelist के रूप में हैं।
    3. थॉमस एडिसन
    थॉमस एडिसन मानव इतिहास के महान्तम आविष्कारकों में से एक हैं। परन्तु बल्ब का आविष्कार करने में वे 999 बार असफल हुए और 1000वीं बार प्रयास करने पर वे बल्ब बनाने में कामयाब हुए। दोस्तों हम लोग तो एक - दो failures से ही काफी परेशान हो जाते हैं, और थॉमस एडिसन 999 असफल होने पर भी निराश नहीं हुए। इसलिए आप जब भी असफल हों तो निराश मत होइए, बल्कि एक बार फिर से कोशिश कीजिए। क्योंकि बहुत सी असफलताओं के बाद जो सफलता मिलती है उसका आनन्द बेहतरीन होता है।
    4. ​िबल गेट्स
    ​िबल गेट्स Microsoft के सह संस्थापक हैं, वे दुनिया के सबसे बेहतरीन business leaders में से एक माने जाते हैं। परन्तु जब उन्होने पहली बार graphical interface और mouse वाले computer का idea एक कम्पनी को ​िदखाया तो उनको बेइज़्जत करके वहां से बाहर निकाला गया। और आज जिस मुकाम पर ​िबल गेट्स हैं वहां पर पहुंचना करोड़ों लोगों का सपना है। 
    इन कहानियों से क्या सबक लें?
    1. होने पर हार मत मानिए। 
    2. असफलता कोई बड़ी बात नहीं है। 
    3. अपने आप पर भरोसा करना सफलता की चाबी है। 

    21 फ़र॰ 2016

    सफलता की हर कहानी महान असफलताओ कि भी कहानी है

    By: Successlocator On: फ़रवरी 21, 2016
  • Share The Gag
  • सफलता की हर कहानी महान असफलताओ कि भी कहानी है




    असफलता , सफलता हासिल करने का रास्ता है | आई. बी. एम के टॉम वाटसन , सीनियर का कहना ,” अगर आप सफल होना चाहते है , तो अपनी असफलता की दर दूनी कर दीजिए । “
    अगर हम इतिहास पढ़े ,तो हम पायगे की सफलता की हर कहानी के साथ महान असफलताए भी जुडी हुई है । लकिन लोग उन असफलताओ पर धयान नहीं देते । वे केवल नतीजों को देखते है और सोचते है की उस आदमी ने क्या किस्मत पाई है , ” वह सही वक्त पर सही जगह रहा होगा । “
    एक आदमी की ज़िंदगी की कहानी बड़ी मशहूर है ।
    यह आदमी 21 साल की उम्र में व्यापार में नाकामयाब हो गया , 22 साल की उम्र में वह एक चुनाव हार गया , 24 साल की उम्र में उसे व्यापार में फिर असफलता मिली , 26 साल की उम्र में उसकी पत्नी मर गयी , 27 साल की उम्र में उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया , 34 साल की उम्र में वह कांग्रेस का चुनाव हार गया ,45 साल की उम्र में उसे सीनेट के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा , ४७ साल की उम्र में वह राष्ट्रपति बनने में असफल रहा , 49 साल की उम्र में उसे सीनेट के एक और चुनाव में नाकामयाबी मिली , और वाही आदमी 52 साल की उम्र में अमेरिका का राष्ट्रपति चुना गया । वह आदमी अब्राहम लिंकन था |
    क्या आप लिंकन को असफल मानेगे ? वह शर्म से सिर झुका कर मैदान से हैट सकते थे , और अपनी वकालत फिर शुरू कर सकते थे । लेकिन लिंकन के लिए हार केवल एक भटकाव थी , सफर का अंत नहीं |
    थॉमस एडिसन बिजली का बल्ब बनाने से पहले लगभग 10 हजार बार असफल हुए ।
    हेनरी फोर्ड 40 साल की उम्र में दिवालिया हो गए थे ।
    बीथोवेन जब युवा थे , तो उनसे कहा गया था कि उनमे संगीत की प्रतिभा नहीं है ,लकिन उन्होंने संसार को संगीत की कुछ उत्तम रचनाऐं दी |
    सफलता की सारी कहानियो के साथ महान असफलताओ की कहानिया भी जुडी हुई है । फर्क केवल इतना था कि हर असफलता के बाद वे जोश के साथ फिर उठ खड़े हुए । इसे पीछे धकेलने वाली नहीं , बल्कि आगे बढ़ाने वाली नाकामयाबी कहते है । हम सीखते हुई आगे बढ़ते है । हम अपनी असफलताओ से सबक लेते हुई आगे बढ़ते है |
    हमें रास्ते में ठोकर जरूर लगेगी । लेकिन वह हमारे लिए प्रेरणा भी बन सकती है , और हमें विनम्रता का पाठ पढ़ा सकती है । इससे हम मुसीबत की घड़ी में अपने अंदर बाधाओ को दूर करने की सकती और विशवास का अनुभव करेगे ।
    हर ठोकर लगने के बाद खुद से पूछे कि हमने इस तजरबे से क्या सीखा ? तभी हम रास्ते के रोड़े को कामयाबी की सीढ़ी बना पायेगें |

    20 फ़र॰ 2016

    सफल लोगों की सोने से पहले की कहानी,

    By: Successlocator On: फ़रवरी 20, 2016
  • Share The Gag



  • दुनिया में जितने भी सफल लोग होते हैं उनके बारे में बहुत सी बातें कही जाती हैं या सफलता के तमाम तरह के मूलमंत्र गिनाए जाते हैं. अब तक आप सुनते आएं होंगे कि कामयाब होने के लिए जरूरी है सुबह जल्दी उठना. लेकिन सफल होने के लिए रात की क्या योजना होनी चाहिए आएये इस पर बात की जाए.

     * हम आपको बताते हैं दुनिया के कई कामयाब लोग सोने से पहले क्या-क्या करते हैं.

    1.कम से कम एक घंटे तक पढ़ना

    सोने से पहले एक घंटा पढ़ना आपके लिए बेहद जरूरी और फायदेमंद है. क्या आप जानते हैं कि माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के बिल गेट्स भी सोने से पहले एक घंटा किताब पढ़ते हैं. वे वर्तमान घटनाओं और राजनीति पर पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं. इस तरह से आप दिन भर के तनाव से मुक्त हो जाते हैं.

    एक शोध के मुताबिक किताब पढ़ना एक एक अच्छी दिमागी कसरत हो सकती है और ऐसा करने परा दिमाग का तीव्र विकास होता है.

    2. टहलना

    क्या आपको लगता है कि आप बहुत व्यस्त हैं और आप सुबह अपने लिए टहलने का संय भी नहीं मिल पाता. तो इसमें चिंता करने की जरूरत नहीं है. आप रात के समय भी टहल सकती हैं. जरूरी नहीं है कि बहुत ज्यादा टहला जाए. घर में आसपास ही हल्के कदमों से भी टहला जा सकता है.

    बफर की सीईओ जो कि बहुत ही व्यस्त रहती हैं लेकिन वो रात के समय टहलने का समय निकालती ही हैं. इस तरह से तनाव तो कम हो ही जाता है दिमाग की रचनात्मक भी बनी रहती है. इस समय कम से कम काम के बारे में नहीं सोचना चाहिए.

    3. मोबाइल वगैरह से दूर रहना

    दन भर काम करने के बाद आप थक जाते हैं. ऐसे समय में आप मोबाइल या फेसबुक वगैरह से दूर रहना भी चाहते होंगे लेकिन ऐसा करन नहीं पाते हैं. तो आज से आप तय कर लीजिए सोने के लिए जाते समय आप मोबाइल से दूर रहेंगे. ऐसा करने से आप खुद को समय दे पाएंगे. हावार्ड विश्वविद्यालय के डा चार्लस के मुताबिक सेलफोन की तेज रोशनी दिमाग पकर असर कर नींद की प्राकृतिक प्रक्रिया को बाधित करती है और इसकी किरणें त्वचा के माध्यम से शरीर को प्रभावित भी करती हैं. एरिना हफिंगटन का कहना है कि कि जब वो जब वो रात करो थक जाती हैं तो तो वो सबसे अगल थॉलग हो जाती हैं और इससे वो तनाव मुक्त होती हैं.

    4. मेडिटेशन

    सोने से पहले मेडिटेशन करना कितना जरूरी है इससे समझा जा सकता है कि मिस विनफ्रे भी नींद में जाने से पहले मेडिटेशन को समय देती हैं. 2014 में मेडिटेशन से जुड़ा एक सर्वे हुआ है जिसके मुताबिक इससे चिंता अवसाद जैसी दिक्कतें कम हो जाती हैं. दरअसल मेडिटेशनया या ध्यान वास्तव में दिमाग को स्वस्थ रखने का एक अच्छा तरीका है.

    5. रचनातमकता लाएं

    रात में सोने से पहले का समय ऐसा होता है इस समय आप अपनी रचनात्मकता का सबसे अच्छा उपयोग कर सकते हैं. वैरा वैंग के अनुसार वो इस समय को रचनात्मकता को उपयोग करने में लगाती हैं. एलबियन कॉलेज द्वारा किए शोध में कहा गया है कि रात के सोने से पहले का समय रचनात्मक को निखारने के लिए सबसे अच्छा होता है.

    6. अगले दिन की योजना बनाना

    क्या आप कभी ऐसा करते हैं कि बिस्तर में जाकर एक अच्छी नींद लेने से पहले अगले दिन की योजना भी बना लेते हों. अमेरिकन एक्सप्रेस के सीईओ का कहते हैं कि वे सोने से पहले आने वाले दिन की योजना बना लेना पसंद करते हैं और अगले दिन सुबह अपना काम सही समय पर शुरू कर देते हैं.

    19 फ़र॰ 2016

    महापुरुषों की विफलता से सफलता की कहानी | mahapurusho ki vifalta se safalta ki kahani

    By: Successlocator On: फ़रवरी 19, 2016
  • Share The Gag

  • महापुरुषों की विफलता से सफलता की कहानी | mahapurusho ki vifalta se safalta ki kahani


    जीवन में या किसी भी व्यवसाय (business) में सफलता प्राप्त करने के लिए लगातार सकारात्मक (positive) रहना बहुत आवश्यक है. अपने आप को उस क्षेत्र में ले जाए जहा बहोत ज्यादा कचरा (मुश्किलें) हो, और जहा आपकी इच्छा अनुसार कुछ नहीं हो रहा हो. इसलिए, जब-जब भी मै निराश (sad) होता हु तो मुझे इन महापुरुषों की असफलता याद आती है..
    तो आइये देखते है इन 9 महान लोंगो की विफलता से सफलता की कहानी शोर्ट में|
    1. बिल गेट्स / Bill Gates
    माइक्रोसॉफ्ट (microsoft) के संस्थापक और अध्यक्ष, ने पूरी तरह से 21 वी सदी में कंप्यूटर (computer) को काम में लाकर काम करने की पूरी संस्कृति ही बदल डाली. वे एक दशक से भी ज्यादा दुनिया के सबसे अमिर व्यक्ति (richest person) रह चुके है. 1970 के पहले अपना Business शुरू करने से पूर्व उन्हें हॉवर्ड विश्वविद्यालय (howard university) से निकाला गया था. और सबसे ज्यादा मजेदार बात ये है की, उन्होंने अपनी सॉफ्टवेयर कंपनी (जो बाद में माइक्रोसॉफ्ट बनी) सॉफ्टवेयर तंत्रज्ञान को 50 US $(डॉलर) में ख़रीदा था.
    2. अब्राहम लिंकन  / Abraham Lincoln
    ने अपने पुरे जीवनकाल (lifetime) में 5 साल से ज्यादा पढाई नही की. और जब वे बड़े हुए, तो वे राजनीती (politics) में शामिल हुए और संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के 16 वे राष्ट्रपति बनने से पूर्व 12 बार असफल (fail) हुए.
    3. इस्साक न्यूटन / Isaac Newton
    उनके काल के बहुत बड़े अंग्रेजी गणित (english mathematician) के जानकार थे. उनके प्रकाश विज्ञान (science) और गुरुत्वाकर्षण (gravity) के आविष्कार (invention) ने उन्हें दुनियाभर में पहचान दिलाई और महान वैज्ञानिक भी बनाया. ऐसे कई विचार है की इस्साक बचपन से ही होशियार थे, लेकिन ऐसा नहीं है. वे अपनी स्कूल की श्रेणी में बहुत ही अस्वस्थ थे और उनके शिक्षक उन्हें बेवकूफ (stupid) समझते थे.
    4. थॉमस एडिसन / Thomas Edison
    थॉमस एडिसन ने बहुत सारे यंत्रो को विकसित (develop) किया जिनका 20 वी सदी के जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ा. एडिसन को इतिहास (history) का बहुफलदायक अविष्कारक कहा जाता है, जिनके नाम आविष्कार करने के 1093 U.S अधिकार थे. जब वे बच्चे (kid) थे तब उनके शिक्षक ने उनसे कहा था की वे कुछ भी सिखने के लोए बहुत ही बुद्धू है. और जब वे बड़े हुए, तब एक सफल लाइट बल्ब (light bulb) बनाने से पूर्व उन्होंने 9000 से भी ज्यादा प्रयोग किये.
    5. वाल्टर डिज्नी / Walt Disney
    एक अमेरिकन सिनेमा (american theater) के निर्माता, निर्देशक, सिनेमा लेखक, आवाज़ कर्ता और कार्टून फिल्म (cartoon movies) बनाने वाले दिग्दर्शक थे. उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी इशारा देने वाले चित्र बनाने की सबसे बड़ी कंपनी डिज्नी की स्थापना की. उसकी संस्था (association) आज वाल्ट डिज्नी कंपनी के नाम से जानी जाती है, जो साल में 30 बिलियन $ का राजस्व बनती है. डिज्नी ने अपना पहला Business खुद के ही घर में शुरू किया और उनका निर्माण (production) किया पहला कार्टून असफल भी हुआ. उनके पहले पत्रकार सम्मलेन में, एक अखबार के संपादक (writer) ने उनका उपहास भी किया क्यों की उनके पास एक अच्छी सिनेमा बनाने की कल्पना नहीं थी.
    6. विंस्टन चर्चिल / Winston Churchill
    विंस्टन चर्चिल 6 वी कक्षा Fail थे. लेकिन उन्होंने कठिन परिश्रम (hard work) करना कभी नहीं छोड़ा. वो प्रयत्न करते रहे और दुसरे विश्व युद्ध (2nd world war) के दौरान यूनाइटेड किंगडम (united kingdom) के प्रधानमंत्री बने. चर्चिल साधारणतः ब्रिटेन और दुनिया के इतिहास (history) में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण नेता थे. BBC के 2002 के चुनाव में जिसमे 100 महानतम ब्रिटिश लोगो का चुनाव होना था उसमे सभी ने चर्चिल को सबसे ज्यादा महत्त्व दिया गया.
    7. अल्बर्ट आइंस्टीन / Albert Einstein
    एक सैधान्तिक भौतिकशास्त्री थे जिन्हें 20 वी सदी में सबसे ज्यादा महत्त्व दिया जाता था. 1921 में उन्हें Photo electronic प्रभाव के स्पष्टीकरण के लिए और सैधान्तिक भौतिक विज्ञानं में उनकी सेवा के लिए नोबेल पुरस्कार (nobel prize) से सम्मानित किया गया. जबकि, जब आइंस्टीन जवान थे, उसके माता-पिता समझते थे की वे दिमाग (brain) से कमजोर है. उसके स्कूल के ग्रेड भी बहुत कम थे इसलिए उनके शिक्षक (teacher) उन्हें स्कूल छोड़ देने के लिए कहते थे और कहते थे की, “ तुम कभी किसी भी कीमत पर कुछ नहीं कर सकते”.
    8. हेनरी फोर्ड / Henry Ford
    हेनरी फोर्ड की पहली दो मोटर गाडी (motor cars) की कंपनी असफल हुई. लेकिन उन्होंने कंपनी स्थापित करना नहीं छोड़ा और उनकी फोर्ड मोटर कंपनी (ford company) पहली सबसे प्रच

    Chanakya Niti in Hindi Ninth Chapter (चाणक्य नीति - नववा अध्याय)

    By: Successlocator On: फ़रवरी 19, 2016
  • Share The Gag



  • 1: यदि मुक्ति चाहते हो तो समस्त विषय-वासनाओं को विष के समान छोड़ दो और क्षमाशीलता, नम्रता, दया, पवित्रता और सत्यता को अमृत की भांति पियो अर्थात अपनाओ।

    2: जो नीच व्यक्ति परस्पर की गई गुप्त बातों को दुसरो से कह देते है, वे ही दीमक के घर में रहने वाले सांप की भांति नष्ट हो जाते है।

    3: ब्रह्मा को शायद कोई बताने वाला नहीं मिला जो की उन्होंने सोने में सुगंध, ईख में फल, चंदन में फूल, विद्वान को धनी और राजा को चिरंजीवी नहीं बनाया।

    4: सभी औषधियों में अमृत प्रधान है, सभी सुखो में भोजन प्रधान है, सभी इन्द्रियों में नेत्र प्रधान है सारे शरीर में सिर श्रेष्ठ है।

    5: न तो आकाश में कोई दूत गया, न इस संबंध में किसी से बात हुई, न पहले किसी ने इसे बनाया और न कोई प्रकरण ही आया, तब भी आकाश में भृमण करने वाले चंद्र और सूर्य के ग्रहण के बारे में  जो ब्राह्मण पहले से ही जान लेता है, वह विद्वान क्यों नहीं हैं? अर्थात वास्तव में वह विद्वान है, जिसकी गणना से ग्रहों की चल का सही-सही-पता लगाया जाता रहा है।

    6: विध्यार्थी, नौकर, पथिक, भूख से व्याकुल, भय से त्रस्त, भंडारी और द्वारपाल, इन सातों को सोता हुआ देखे तो तत्काल जगा देना चाहिए क्योंकि अपने कर्मो और कर्तव्यों का पालन ये जागकर अर्थात सचेत होकर ही करते है।

    7: सांप, राजा, सिंह, बर्र (ततैया) और बालक, दूसरे का कुत्ता तथा मूर्ख व्यक्ति, इन सातो को सोते से नहीं जगाना चाहिए।

    8: धन के लिए वेद पढ़ाने वाले तथा शुद्रो के अन्न को खाने वाले ब्राह्मण विषहीन सर्प की भांति क्या कर सकते है, अर्थात वे किसी को न तो शाप दे सकते है, न वरदान।

    9: जिसके नाराज होने का डर नहीं है और प्रसन्न होने से कोई लाभ नहीं है, जिसमे दंड देने या दया करने की सामर्थ्य नहीं है, वह नाराज होकर क्या कर सकता है ?

    10: विषहीन सर्प को भी अपना फन फैलाकर फुफकार करनी चाहिए। विष के न होने पर फुफकार से उसे डराना अवश्य चाहिए।

    11: प्रातःकाल जुआरियो की कथा से (महाभारत की कथा से), मध्याह्न (दोपहर) का समय स्त्री प्रसंग से (रामायण की कथा से) और रात्रि में चोर की कथा से (श्री मद् भागवत की कथा से) बुद्धिमान लोग अपना समय काटते है।

    12: अपने हाथों से गुंथी हुई माला, अपने हाथो से घिसा हुआ चंदन और अपने हाथ से लिखा स्त्रोत, इन सबको अपने ही कार्य में लगाने से, देवताओं के राजा इंद्र की श्रीलक्ष्मी (धन-सम्पत्ति-ऐश्वर्य) भी नष्ट हो जाती है।

    13: ईख, तिल, क्षुद्र, स्त्री, स्वर्ण, धरती, चंदन, दही,और पान, इनको जितना मसला या मथा जाता है, उतनी गुण-वृद्धि होती है।

    14: दरिद्रता के समय धैर्य रखना उत्तम है, मैले कपड़ों को साफ रखना उत्तम है, घटिया अन्न का बना गर्म भोजन अच्छा लगता है और कुरूप व्यक्ति के लिए अच्छे स्वभाव का होना श्रेष्ठ है।
    इसे भी पढ़ें:Chanakya Niti in Hindi Tenth Chapter (चाणक्य नीति - दसवा अध्याय)