4 मार्च 2017

किस्मत कभी ख़राब नहीं होती।

By: Successlocator On: मार्च 04, 2017
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  • लोगो को अक्सर आपने कहते हुए सुना होगा "यार मेरी तो किस्मत ही ख़राब है,मेरा कोई भी कम सही नहीं होता या फिर होते  होते रह जाता है"और इस तरह वो उदास रहते है। और कई बार तो ऐसा होता है कि वो अपना काम उतनी ईमानदारी से नहीं कर पाते जितनी उस काम को सफल होने के लिए चाहिए।दोस्तों अगर आप ऐसा सोचने वालो में से है तो ये पोस्ट आपके ही लिए है। और आज आप इसे इकमिनान से पढ़े ।मुझे यकीन है इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपके सोचने का नजरिया जरूर बदलेगा,और आप कामयाबी की नयी परिभाषा लिखेंगे।

    जब भी हमें अपने सोच के मुताबिक कुछ नहीं मिलता या फिर कभी कभी या कहे तो दो तीन बार लगातार असफलता हाथ लगती है तो हमारे मन में एक ही ख्याल आता है,मेरी किस्मत ही ख़राब है,और बस यही से चालू होती है हमारी नकारात्मक सोच जो समय के साथ बढ़ती जाती है अगर उसपर लगाम न लगाया जाये ।एक हमारे मित्र है ,जो हमेशा मिलते है तो बस यही कहते है भाई मेरी किस्मत बहुत ख़राब है मेरा कोई भी कम एक बार में तो होता ही नही हर काम तीसरी बार में होता है और उसकी बातों से ऐसा लगता भी था तो मैंने जानने के लिए मैंने उससे कुछ कामो पर नजर रखी और कुछ जगहों पर सही भी पाया। मेरे उस पर किये गए विश्लेषण से पता चला की उसने अपने दिमाग में ये गांठ बना रखी है जो काम उसका एक बार में होता है उसे वह नगण्य कर देता था  पर दोस्तों इसका ये मतलब नहीं उसका कोई काम एक बार में नहीं हो सकता बस सोच बदलने की और ईमानदारी से कम करने की जरुरत है । दोस्तों शायद आपको पता होगा की थॉमस अल्वा एडिशन अपने पहले अविष्कार में सफल होने से पहले 1000 बार फ़ैल हुए थे,आपकी जानकारी के लिए बता दू इलेक्ट्रिक बल्ब की खोज उन्होंने ही की थी,इस प्रकार की हजारों खोजें उनके नाम दर्ज है।

    किस्मत तो उनकी ख़राब होती है जो अपने काम में अपना 100% नहीं देते और बस कह देते है मेरी तो किस्मत ख़राब है,किस्मत को दोष देने से अच्छा है अपनी जिम्मेदारी लेना सीखे जिस दिन ये सीख गए समझो किस्मत कभी ख़राब ही नहीं थी।

    "ईमानदारी से की गई हर कोशिश में मिली असफलता का अर्थ,सफलता तक पहुचने में कुछ कदम ही शेष है।"।कहने का अर्थ है बस आप फिर प्रयाश करेंगे तो आप उसे प्राप्त कर ही लेंगे।एक सोच दिमाग में रख कर काम करना है कि दुनिया में ऐसा कोई काम नहीं जो मनुष्य नही कर सकता।

    26 फ़र॰ 2017

    हम कैसे माने की हम सफल है ?

    By: Successlocator On: फ़रवरी 26, 2017
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  • आज की पोस्ट हमारे उन सभी मित्रों के लिए है जो हमेशा इस असमंजस में रहते है कि हम सफल कब होंगे और पता कैसे चलेगा कि हम सफल हो गए। दोस्तों इसका सीधा जवाब है आप किसी और से न पूछ कर अपने आप से पूंछे ,अब आप में से कुछ कहेंगे कि अपने आप से कैसे पूंछे कुछ पता नहीं चलता,तो दोस्तों इसके लिए चलिये एक प्रयोग करते है ।
    सबसे पहले आप एक लक्ष्य निर्धारित कीजिए ,लक्ष्य छोटा या बड़ा कैसा भी हो सकता है जैसे उदहारण के लिए आपने लक्ष्य बनाया की मैं आज एक अध्याय समाप्त करूँगा रात्रि में सोने से पहले ,फिर आप उस अध्याय को पूरा करने का भरकस प्रयास करिये ।रात्रि में सोने से पहले आप अपने लक्ष्य को याद करिये और अपने पूरे दिन का अवलोकन करिये ,अपने आप से पूछिये की क्या आपने ईमानदारी से अपना काम किया ,क्या मेरा आज का अध्याय समाप्त हुआ । यदि इसके बाद आपको लगता है कि हां सचमुच मैंने अपना काम ईमानदारी से समाप्त किया है ,तो आप अपना आज का लक्ष्य पाने में सफल हो गए।सफलता बड़ी हो या छोटी उसका आंकलन आप ऐसे ही कर सकते है।
    बड़ी सफलता छोटी छोटी सफलताओ का समूह होती है,इसलिए बड़ी सफलता के लिए भी आप छोटे छोटे लक्ष्य बनाए,उन्हें पूरा करे और फिर उसे अपनी बड़ी सफलता के साथ जोड़ कर देखे की वो मेरे मुख्य लक्ष्य को कितना करीब लाती है। पर इन सबके लिए जरुरी है समय समय पर अपना  आंकलन जो हमें अपनी सही स्थिति का एहसास करता है और हमारी कमियों से  अवगत कराता है।
    तो दोस्तों आपको मेरी पोस्ट कैसी लगी आप हमें कमेंट में जरूर बताये आप हमसे कमेंट में कोई भी सवाल पूछ सकते है।

    18 फ़र॰ 2017

    बिज़नस करने के लिए खुद के पास पैसा होना जरुरी नहीं।

    By: Successlocator On: फ़रवरी 18, 2017
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  • दोस्तों,जब भी आप बिज़नस का नाम सुनते है तो आपके मन में सबसे पहले तो यही ख्याल आता है,अम्बानी ,टाटा ,बिरला इत्यादि।उनके सामने हम अपने को आसपास भी नही पाते और सोचते है बिज़नस तो पैसे वाले ही कर सकते है पर हम भूल जाते है कि उनकी शुरुआत छोटे से ही की थी और वो हम जैसे ही थे , अब वे जिन बुलंदियों पर है वह शुरुआत में की गई कड़ी मेहनत का परिणाम है। कुछ मोटीवेट करने वाले लोग मिलते है तब जैसे तैसे आप बिज़नस का प्लान तो बना लेते है फिर आप सोंचते है पैसा तो है नहीं तो बिज़नस कहा से करेंगे ,और यही सोचकर आप अपने अच्छे खासे प्लान को समाप्त कर देते हो।आप सोचते है कि कुछ साल जॉब करके पैसे इकठ्ठा हो जायेंगे फिर बिज़नस करेगे और इस तरह आप फिर से अपनी दिनचर्या में व्यस्त हो जाते है,फिर किसी दिन जॉब से परेशांन होकर या किसी हमउम्र की सफलता देखकर फिर प्लान बनाते है ,उस प्लान का भी वही हाल होता है।

    ये मत समझिये की ये सिर्फ आपकी समस्या है आजकल सबकी यही समस्या है।क्योंकि ये हमें विरासत में मिला है ,हमारे पिताजी,दादाजी,मतलब हमारे परिवार में किसी ने भी बिज़नस के बारे में सोचा ही नही बस इसी वजह से उन्होंने सोचा अपने बच्चों को इंजीनियर या डॉक्टर बना देते है,अच्छी जॉब मिल जायेगी और सेट हो जाएंगे।और इस प्रकार वही विरासत हम अपने बच्चों को भी देते है।अब हमें वो सोच बदलनी है अपने सपनो को पूरा करने के लिए नाकि जॉब करके दुसरो के सपनो को पूरा करने के लिए।
    अब  मैं दोस्तों अपने मुख्य बिंदु पर आता हूं,की
     "बिज़नस करने के लिए खुद के पास पैसा होना जरुरी नहीं"
    है दोस्तों ये सत्य है क्योंकि पुरानी बातें हो गयी की खुद के पास पैसा नही तो व्यापर नही,पर दोस्तों आज का समय कहता है "बिज़नस तो दूसरों के पैसो से होता हे खुद के पैसो से तो इन्वेस्टमेंट होती है"और उसी को बिज़नस मेन कहते है।और वो कैसे वो भी मैं आपको अपनी इस पोस्ट में बताऊंगा।

    पैसा नहीं तो बिज़नस कैसे करे:-
    आजकल आपने सुना होगा की हर बिजनेसमैन अपना बिज़नस सेट करने के लिए खुद के पास पैसे होते हुए भी लोन लेता है,ये सबसे बढ़िया तरीका है बिज़नस करने का जी हा आपने सही पढ़ा लोन,लोन का नाम सुनकर घबराने की जरुरत नहीं है यदि अच्छा बिज़नस प्लान है तो लोन (कर्ज सरकार द्वारा)  लेने में डरना नहीं चाहिए क्योंकि आज कल सरकार बहुत प्रकार की योजनाएं चला रही है जिससे किसी व्यक्ति को बिज़नस में पैसो की समस्या न आये और कम ब्याज दरों में लोगो को लोन मिल पाए।हमें ऐसे ही स्कीमो का फायदा उठाना चाहिए क्योंकि न कर्ज का ज्यादा दबाब और न ही झिक झिक ,सबसे सेफ तरीका है। दूसरा तरीका है अपने प्लान को अपनी ही विचारधार वाले दोस्तों के समक्ष प्रस्तुत करे और उनसे इन्वेस्ट करने को कहे,।
    (पर मैं सबसे बढ़िया आईडिया लोन को ही मानूँगा क्योंकि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में आपको वगैर गौरेन्टर और वगैर प्रॉपर्टी पेपर शो किये लोन आपके बिज़नस आईडिया बेस पर मिलता है)उसमे कुछ मार्जिन मनी भी रहती है उसे आप अपने बिज़नस के लिए किये हुए कार्यो को शो करके दिखा सकते है या किसी से लोन मिलने तक उधार ले सकते है।
    दोस्तों आपको हमारी पोस्ट कैसी लगी कमेंट में जरूर बताये और कोई भी सवाल कमेंट में पूछ सकते हैं।

    1 फ़र॰ 2017

    खुद को motivate करने के 16 तरीके

    By: Successlocator On: फ़रवरी 01, 2017
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  • हममें से सबसे अधिक motivated लोग भी- आप,मैं, Tony Robbins (a self-help expert like Shiv Khera) – कभी -कभार demotivated feel कर सकते हैं. यहाँ तक की , कभी-कभी हम इतना low feel कर सकते हैं  कि positive बदलाव के बारे में सोचना भी बहुत कठिन लगने लगता है.
    पर ये निराशाजनक नहीं है: छोटे छोटे steps लेकर आप सकारात्मक बदलाव के रास्ते पर वापस आ सकते हैं.

    हाँ , मैं जानता हूँ, कभी कभी ये असंभव लगता है. आपको कुछ करने का मन नहीं करता. मेरे साथ भी ये हुआ है,दरअसल अभी भी समय समय पर मैं ऐसा feel करता हूँ. आप अकेले नहीं हैं . लेकिन मैंने इस निराशा से बाहर निकलने के कुछ तरीके सीख लिए हैं, और हम आज उन्ही पर नज़र डालेंगे.

    जब बीमारी , चोट या life में चल रही किसी और समस्या के कारण में व्यायाम नहीं कर पाता तो उसे वापस से शुरू करना कठिन होता है. कई बार, मैं उसके बारे में सोचना भी नहीं चाहता . लेकिन मैं हमेशा उस  feeling से उबरने का कोई ना कोई रास्ता निकाल लेता हूँ, और यहाँ ऐसी ही कुछ बाते हैं जो मेरे लिए मददगार साबित होती हैं.

     1. One Goal  एक लक्ष्य
    पेट में यह पीकर...

    जब भी मैं  थोडा down हुआ हूँ , मैंने पाया है कि अक्सर ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मेरी life में एक साथ बहुत कुछ चल रहा होता है. मैं बहुत कुछ करने की कोशिश कर रहा होता हूँ. और ये मेरी energy और motivation को ख़तम कर देता है. शायद ये सबसे common mistake है जो लोग करते हैं: वो एक साथ बहुत कुछ करने की कोशिश करते हैं. यदि एक समय में दो या उससे अधिक लक्ष्य achieve करने का प्रयास करते हैं तो आप अपनी  ( लक्ष्य पाने के लिए दो सबसे महत्त्वपूर्ण चीजें ) energy और focus बनाये नहीं रख पाते.  ये संभव नहीं है – मैंने कई बार कोशिश की है. आपको अभी के लिए कोई एक लक्ष्य चुनना होगा, और पूरी तरह से उसपर focus करना होगा. मुझे पाता है ये कठिन है, पर मैं अपने experience से बता रहा हूँ. एक बार आप अपना अभी का निर्धारित लक्ष्य प्राप्त कर लें फिर उसके बाद आप अपने बाकी लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं.

    2. Find Inspiration प्रेरणा खोजिये

    मुझे उन लोगों से प्रेरणा मिलती है जिन लोगों already वो achieve कर लिया है जो मैं करना चाहता हूँ, या वो लोग जो वही कर रहे हैं जो मैं करना चाहता हूँ. मैं औरों के blogs, books,magazines पढता हूँ. मैं अपने goals को Google करता हूँ , और success stories पढता हूँ.  Zen Habits ऐसी ही जगहों में से एक है, सिर्फ मुझसे ही नहीं बल्कि अन्य कई readers से जिन्होंने अद्भुत चीजें प्राप्त की हैं.
    3. Get Excited उत्साहित होइए

    ये सुनने में बहुत obvious सी बात लगती है, पर ज्यादातर लोग इस बारे में अधिक नहीं  सोचते हैं: अगर आप निराशा से निकलना चाहते हैं, तो किसी लक्ष्य के लिए उत्साहित हो जाइये. पर अगर आप motivated नहीं feel करते हैं तो आप excited कैसे feel करेंगे? Well, इसकी शुरुआत दूसरों से प्रेरणा लेकर होती है, लेकिन आपको दूसरों से उत्साह लेकर उसे अपनी उर्जा में बदलना होगा.मैंने पाया है कि  मैं अपनी wife और अन्य लोगों से बात करके, इस बारे में ज्यादा से ज्यादा पढ़कर, और इसे  visualize (दिमाग  में  goal achieve करने से होने वाले फायदे को देखना ) करके कि  successful होना कैसा लगेगा, excited feel करने लगता हूँ. एक बार ये कर लिया तो बस इसी energy को आगे carry करने और आगे बढ़ने की ज़रुरत रहती है.

    4.Build Anticipation अपेक्षा करें

    ये सुनने में कुछ कठिन लग सकता है, और अकी लोग इस tip को skip कर देंगे. लेकिन ये सचमुच काम करती है. कई बार असफल प्रयासों के बाद इसी टिप की वजह से मैं cigarette पीना छोड़ पाया.अगर आपको अपना goal achieve करने की प्रेरणा मिल जाती है तो  तुरंत उसे प्राप्त करने का प्रयास ना करें. हममें से कई लोग excited होके आज ही अपना काम शुरू करना चाहेंगे. ये एक गलती है. Future की कोई date set कीजिये – एक या दो हफ्ते बाद , या एक महीना भी  – और उसे अपनी Start Date बनाइये. उसे कैलेण्डर पर mark कर लीजिये. उस date को लेकर उत्साहित होइए. उसे अपने जीवन की  सबसे important date बना लीजिये. इस बीच अपना प्लान बनाइये. और नीचे दिए गए कुछ steps follow कीजिये. क्योंकि अपनी start delay करके आप anticipation build करते हैं और अपने लक्ष्य के प्रति अपनी उर्जा और ध्यान बढाते हैं.
    5. Post your goal  अपना लक्ष्य प्रकाशित करें

    अपने goal का एक बड़ा सा print निकाल लें. अपना लक्ष्य कुछ ही शब्दों में लिखें , जैसे कोई मन्त्र  (“Exercise 15 mins. Daily”), और उसे अपने दीवार या फ्रिज पर चिपका दें. इसे अपने घर में अपने office में लगा लें उसे अपने computer के desktop पर लगा लें. आप अपने goals के लिए बड़े reminders लगाना चाहते हैं , ताकि  आप अपने goal पर focus कर पाएं और उसे लेकर excited रह पाएं. अपने goal से सम्बंधित कोई picture लगाना भी  helpful हो सकता है  (like a model with sexy abs, for example).

    6.Commit Publicly सार्वजनिक रूप से प्रतिज्ञा लीजिये

    कोई भी दूसरों के सामने बुरा नहीं दिखना चाहता है . जो बात हमने publicly कही है उसे करने के लिए हम extra effort करते हैं. For example, जब मैं अपनी पहली मैराथन दौड़ दौड़ना चाहता था , तब मैंने अपने  local newspaper में इस बारे में एक column लिखना शुरू कर दिया. Guam की पूरी आबादी मेरे इस goal के बारे में जान गयी. अब मैं पीछे नहीं हट सकता था , हालांकि मेरी motivation कम -ज्यादा होती रही पर मैं इस goal को पकडे रहा और दौड़ complete की.आपको किसी newspaper में अपना goal commit करने की ज़रुरत नहीं है , पर आप इसे अपने family,friends, और co-workers से बता सकते हैं, और यदि आपका कोई blog है तो उसपर भी इस बारे में लिख सकते हैं.और खुद को जिम्मेदार ठेराइये – केवल एक बार commit मत करिए , बल्कि अपने progress के बारे में सभी को हर हफ्ते या महीने update करने के लिए भी commit करिए.

    7. Think about it daily इस बारे में रोज़ सोचिये



    यदि आप रोज़ अपने लक्ष्य के बारे में सोचते हैं तो उसके पूर्ण होने की संभावना कहीं अधिक है. इसीलिए अपने लक्ष्य को दीवार पर या desktop पर लगाना मददगार होता है . हर रोज़ खुद को reminder भेजना भी helpful होता है. और अगर आप रोज बस पांच मिनट भी ये छोटा सा काम करेंगे तो ये लगभग तय है की आपका लक्ष्य पूर्ण होगा.
    8. Get Support.  मदद लीजिये

    अकेले कुछ हांसिल करना कठिन होता है. जब मैंने मैराथन में दौड़ने का निश्चय किया था , तो मेरे साथ दोस्तों और परिवार का support था, और साथ ही Guam में दौड़ने वालों की एक अच्छी community भी थी  जो मेरे साथ दौड़ते थे और मुझे encourage करते थे. जब मैंने smoking quit करनी चाही तो मैंने एक online forum join कर लिया , जो मेरे लिए बहुत helpful रहा. और इस काम में मेरी wife Eva  ने हर कदम पर मेरा साथ दिया. मैं उसकी और अन्य लोगों की मदद के बिना ऐसा नहीं कर पाता. अपना support network खोजिये , अपने आस-पास  या online या दोनों जगह.

    9. Realize that there’s an ebb and flow इस बात को समझिये की उतार-चढ़ाव आते रहते हैं

    Motivation कोई ऐसी चीज नहीं है जो हमेशा आपके साथ रहे. ये आती है , जाती है और फिर आती है, ज्वार की तरह . इस बात को समझिये की भले ही ये चली जाए , पर वो हमेशा के लिए नहीं चली जाती . Motivation वापस आती है.  बस अपने लक्ष्य से जुड़े रहिये और motivation के वापस आने का इंतज़ार कीजिय. इस दौरान अपने लक्ष्य के बारे में पढ़िए , दूसरों से मदद मांगिये , और यहाँ बताई अन्य  कुछ चीजें कीजिये जब तक की आप का motivation वापस ना आ जाये.

    10. Stick with it. लगे रहिये

    आप चाहे जो कुछ भी करिए , पर हार नहीं मानिए. भले आप आज या इस हफ्ते बिलकुल  ही motivated ना feel कर रहे हों , पर अपना लक्ष्य छोड़िये नहीं. आपकी motivation फिर वापस आएगी . अपने लक्ष्य को एक लम्बी यात्रा की तरह देखिये , और बीच में जो demotivation  आता है वो महज़ एक speed-breaker है. छोटी मोती बाधाएं आने पर  आप यात्रा नहीं छोड़ते. लम्बे समय तक अपने लक्ष्य के साथ जुड़े रहिये , उतार-चढ़ाव पार कीजिये और आप वहां पहुँच जायेंगे.

    11.Start small. Really small छोटे, बहुत छोटे से शुरुआत कीजिये

    अगर आपको शुरुआत करने में दिक्कत  हो  रही है तो शायद इसकी वजह ये है की आप बहुत बड़ा सोच रहे हैं. यदि आप व्यायाम करना चाहता हैं, तो शायद आप सोच रहे हों की हफ्ते में पांच दिन intensely workout करना है. नहीं – इसकी जगह छोटे-छोटे baby steps लीजिये. सिर्फ दो मिनट व्यायाम कीजिये. मुझे पता है ये आपको अटपटा लग रहा होगा. ये इतना आसान है, आप fail नहीं हो सकते. पर आप इसे करिए . बस कुछ crunches, 2 pushups, और वहीँ थोड़ी सी jogging. जब आपने एक हफ्ते तक ये २ मिनट तक कर लेंगे , तो इसे बढाकर पांच मिनट कर दीजिये , और एक हफ्ते तक इसे कीजिये. एक महीने में आप 15-20 मिनट करने लगेंगे. सुबह जल्दी उठाना चाहते हैं ? सुबह पांच बजे उठने का मत सोचिये, इसकी जगह आप एक हफ्ते तक बस 10 मिनट पहले उठिए . एक बार आपने ये कर लिया , तो 10 मिनट और जल्दी उठिए. Baby Steps.

    12.Build on small successes छोटी छोटी उपलब्धियों के साथ आगे बढिए

    एक बार फिर , अगर आप एक हफ्ते तक छोटे लक्ष्य के साथ शुरू करेंगे तो आप सफल होंगे. अगर किसी बेहद आसान चीज से शुरुआत करेंगे तो आप fail नहीं हो सकते. भला कौन दो मिनट तक exercise नहीं कर सकता? ( यदि आप वो हैं, तो मैं माफ़ी मांगता हूँ) और आप successful feel करेंगे , आपको अन्दर से अच्छा लगेगा. इसी feeling के साथ और छोटे-छोटे steps लेते  जाइये . For example : अपनी exercise routine में दो-तीन मिनट add करिए. हर एक step के साथ (और हर स्टेप कम से कम एक हफ्ते चलना चाहिए), और आप और भी successful feel करेंगे. हर एक स्टेप बहुत बहुत छोटा रखिये और आप fail नहीं होंगे. दो महीने बाद , आपके छोटे छोटे कदम आपको बहुत सारी progress और success दिलाएंगे

    13.Read about it daily. रोज़ इसके बारे में पढ़ें

    जब मैं अपना motivation lose करता हूँ , मैं अपने लक्ष्य से सम्बंधित कोई किताब या ब्लॉग पढता हूँ. ये मुझे प्रेरित करता है और मुझे दृढ बनता है. किसी वजह से आप जो कुछ भी पढ़ते हैं वो आपको उस विषय में प्रेरित करता है और आपका ध्यान केन्द्रित करने में मदद करता है. इसलिए अगर आप पढ़ सकते हैं तो रोज़ अपने लक्ष्य के बारे में पढ़िए , खासतौर से तब जब आप motivated ना feel कर रहे हों.

    14.Call for help when your motivation ebbs  जब प्रेरणा कम हो तब मदद मांगिये

    समस्या है? मदद मांगिये. मुझे email करिए. कोई online forum join करिए. अपने लिए कोई partner खोजिये. अपनी माँ को call कीजिये. इससे मतलब नहीं है की सामने वाला कौन है , बस अपनी समस्या बताइए , इस बारे में बात करना आपके लिए helpful होगा. उनकी advice मांगिये . उनसे आपको demotivated state से निकालने के लिए मदद करने के लिए कहिये. ये काम करता है.

    15.Think about the benefits, not the difficulties. फायदों के बारे में सोचिये परेशानियों के बारे में नहीं

    एक common problem है कि हम ये सोचते हैंकि कोई चीज कितनी कठिन है . Exercise करना बहुत कठिन लगता है ! इसके बारे में सोचना ही आपको थका देता है.पर ये सोचना कि बजाये की कोई चीज कितनी कठिन है , ये सोचिये की उसके कितने फायदे हैं.   For Example, ये सोचने की  जगह कि  व्यायाम करना कितना कठिन है;आप ये सोचिये की ये करने के बाद आप कितना अच्छा feel करेंगे, और long run में आप कितने healthier और slimmer होंगे. किसी चीज के फायदे आपको energize कर देंगे.

    16.Squash negative thoughts; replace them with positive ones. नकारात्मक विचारों को त्यागिये और उन्हें सकारात्मक विचारों से बदल दीजिये

    अपने विचारों को monitor करना ज़रूरी है. आप जो negative self-talk करते हैं, जो दरअसल आपको demotivate कर रहा है  उसे पहचानिए. कुछ दिन बस ये जानने में बिताइए कि आपके अन्दर कौन कौन से नकारात्मक विचार हैं, और फिर कुछ दिनों  बाद उन्हें एक bug की तरह अपने अन्दर से निकालिए , और फिर उन्हें corresponding positive thought से replace कर दीजिये . अगर आप सोचते हैं कि ,” ये बहुत कठिन है” तो उसे ” मैं ये कर सकता हूँ” से बदल दीजिये . अगर वो Leo इसे कर सकता है , तो मैं भी! ये कुछ अटपटा सुने देता है , पर ये काम करता है. सचमुच.

    24 जन॰ 2017

    Updesh Slokas (उपदेश श्लोक)

    By: Successlocator On: जनवरी 24, 2017
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  • आस्ते भग आसीनस्योर्ध्वस्तिष्ठति तिष्ठतः । शेते निपद्यमानस्य चराति चरतो भगश्चरैवेति ॥

     भावार्थ :
    जो मनुष्य बैठा रहता है, उसका सौभाग्य (भग) भी रुका रहता है । जो उठ खड़ा होता है उसका सौभाग्य भी उसी प्रकार उठता है । जो पड़ा या लेटा रहता है उसका सौभाग्य भी सो जाता है । और जो विचरण में लगता है उसका सौभाग्य भी चलने लगता है । इसलिए तुम विचरण ही करते रहो ।
    न दैवमपि सञ्चित्य त्यजेदुद्योगमात्मनः । अनुद्योगेन कस्तैलं तिलेभ्यः प्राप्तुमर्हति ॥

     भावार्थ :
    दैव यानी भाग्य का विचार करके व्यक्ति को कार्य-संपादन का अपना प्रयास त्याग नहीं देना चाहिए । भला समुचित प्रयास के बिना कौन तिलों से तेल प्राप्त कर सकता है ?
    वाक्सायका वदनान्निष्पतन्ति यैराहतः शोचन्ति रात्र्यहानि । परस्य नामर्मसु ते पतन्ति तान् पण्डितो नावसृजेत परेषु ॥

     भावार्थ :
    कठोर वचन रूपी बाण दुर्जन लोगों के मुख से निकलते ही हैं, और उनसे आहत होकर अन्य जन रातदिन शोक एवं चिंता के घिर जाते हैं । स्मरण रहे कि ये वाग्वाण दूसरे के अमर्म यानी संवेदनाशून्य अंग पर नहीं गिरते, अतः समझदार व्यक्ति ऐसे वचन दूसरों के प्रति न बोले ।
    नारुन्तुदः स्यान्न नृशंसवादी न हीनतः परमभ्याददीत । ययास्य वाचा पर उद्विजेत न तां वदेदुषतीं पापलोक्याम् ॥

     भावार्थ :
    दूसरे के मर्म को चोट न पहुंचाए, चुभने वाली बातें न बोले, घटिया तरीके से दूसरे को वश में न करे, दूसरे को उद्विग्न करने एवं ताप पहुंचाने वाली, पापी जनों के आचरण वाली बोली न बोले ।
    अबुद्धिमाश्रितानां तु क्षन्तव्यमपराधिनाम् । न हि सर्वत्र पाण्डित्यं सुलभं पुरुषेण वै ॥

     भावार्थ :
    अनजाने में जिन्होंने अपराध किया हो उनका अपराध क्षमा किया जाना चाहिए, क्योंकि हर मौके या स्थान पर समझदारी मनुष्य का साथ दे जाए ऐसा हो नहीं पाता है । भूल हो जाना असामान्य नहीं, अतः भूलवश हो गये अनुचित कार्य को क्षम्य माना जाना चाहिए ।
    सद्भिः पुरस्तादभिपूजितः स्यात् सद्भिस्तथा पृष्ठतो रक्षितः स्यात् । सदासतामतिवादांस्तितिक्षेत् सतां वृत्तं चाददीतार्यवृत्तः ॥

     भावार्थ :
    व्यक्ति के कर्म ऐसे हों कि सज्जन लोग उसके समक्ष सम्मान व्यक्त करें ही, परोक्ष में भी उनकी धारणाएं सुरक्षित रहें । दुष्ट प्रकृति के लोगों की ऊलजलूल बातें सह ले, और सदैव श्रेष्ठ लोगों के सदाचारण में स्वयं संलग्न रहे ।
    दन्तकाष्ठस्य खेटस्य विसर्जनमपावृतम् । नेष्टं जले स्थले भोग्ये मूत्रादेश्चापि गर्हितम् ॥

     भावार्थ :
    दातौन एवं कफ थूकने के पश्चात् उसे ढक देना चाहिए । इतना ही नहीं पानी, सार्वजनिक भूमि एवं आवासीय स्थल पर मूत्र आदि का त्याग निंदनीय कर्म है, अतः ऐसा नहीं करना चाहिए ।
    मुखपूरं न भुञ्जीत सशब्दं प्रसृताननम् । प्रलम्बपादं नासीत न बाहू मर्दयेत् समम् ॥

     भावार्थ :
    मुंह में ठूंसकर, चप-चप जैसी आवाज के साथ एवं मुख पूरा फैलाकर भोजन नहीं करना चाहिए । पैर फैलाकर बैठने से भी बचे और दोनों बांहों को साथ-साथ न मरोड़े ।
    नाङ्गुल्या कारयेत् किञ्चिद् दक्षिणेन तु सादरम् । समस्तेनैव हस्तेन मार्गमप्येवमादिशेत् ॥

     भावार्थ :
    रास्ते के बारे में पूछने वाले पथिक को उंगली के इशारे से संकेत नहीं देना चाहिए, बल्कि समूचे दाहिने हाथ को धीरे-से समुचित दिशा की ओर उठाते हुए आदर के साथ रास्ता दिखाना चाहिए ।
    अथ चेद् बुद्धिजं कृत्वा ब्रूयुस्ते तदबुद्धिजम् । पापान् स्वल्पेऽपि तान् हन्यादपराधे तथानृजून् ॥

     भावार्थ :
    अब यदि बुद्धि प्रयोग से यानी सोच-समझकर अपराध करने के बाद वे तुमसे कहें कि अनजाने में ऐसा हो गया है, तो ऐसे मृथ्याचारियों को थोड़े-से अपराध के लिए भी दण्डित किया जाना चाहिए ।

    23 जन॰ 2017

    कामयाब बिजनेसमैन कैसे बने सफल व्यवसायी बनने के टिप्स- HOW TO BECOME A SUCCESSFUL BUSINESSMAN

    By: Successlocator On: जनवरी 23, 2017
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  • एक कामयाब बिज़नसमैन बनना कौन नहीं चाहता है कामयाबी हर किसी को पसंद होती है लेकिन सफलता हर किसी को नहीं मिलती. हम में से बहुत से लोगो ने कभी न कभी अपना व्यवसाय शुरू करने का सपना तो अवश्य ही देखा होगा और ये सोचा होगा की क्या हमारे लिए बिज़नस करना सही होगा या नहीं. कोई भी काम शुरू करना इतना आसान नहीं होता है जितना की हमें लगता है.
    कामयाब व्यवसायी बनने के लिए शिक्षा और कौशल क्या होना चाहिए(what is the qualification of business

    वैसे तो कोई भी व्यापार करने के लिए कोई कास डिग्री की जरूरत नहीं होती है कोई भी बिज़नेस शुरू करने के लिए या अपने बिज़नेस ज्ञान को बढ़ाने के लिए आप बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और मास्टर ऑफ़ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन कर सकते है.

    एक सफल व्यवसायी (businessman) बनने के लिए क्या गुण होने चाहिए(Qualities of successful businessman)

    सफल व्यवसायी बनने के लिए आपमें निर्णय लेने की क्षमता होनी चाहिए(Quality to take decision)


    किसी भी काम को करने के लिए योजना बनाना बहुत ही जरूरी होता है योजना बनाकर काम करने काम में सफलता तो मिलती ही है साथ ही काम करने में सुविधा भी होती है.अगर आप कोई भी व्यवसाय शुरू करना  चाहतें है तो आपमें निर्णय लेने का गुण होना चाहिए.
    सफल बिजनेसमैन बनने के लिए सही व्यवसाय का चुनाव करना चाहिए(Choose to right business)

    आगे बढ़ने के लिये सही जगह या व्यवसाय का होना भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। जब आप सही व्यवसाय और क्षेत्र का चुनाव करते है तो आपको आपके व्यवसाय में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है व्यवसाय में सफलता प्राप्त करने के लिए आपको अपने मनपसंद कार्य क्षेत्र को चुनना चाहिए.

    अपने व्यवसाय के प्रति आपको समर्पित रहना चाहिए(Quality of dedication)

    आपको अपने व्यवसाय में दुसरो से अधिक विस्वास रखना चाहिए अगर आपमें आपके व्यवसाय के प्रति पैशन तो आप किसी भी परेसानी का सामना कर सकते है. एक सफल बिजनेसमैन बनने के लिए आपको अपने काम के प्रति समर्पित होना चाहिए
    सफल बिजनेसमैन बनने के लिए बड़े सपने देखे और उन्हें पूरा करने की कोशिश करे( See big dream and achieve it)

    एक सफल व्यवसायी बनना इस बात पर निर्भर करता है की आप अपने व्यवसाय में कितना मन लगाते है अगर आप बिज़नस करते है तो उसे कैसे दुगना करना है इस बारे में भी सोचे और इसके लिए खूब मेहनत करे.

    सफल व्यवसायी बनने के कुछ अन्य गुण(Some other qualities are successful businessman)


    • काम की टाइमिंग का ध्यान रखे
    • अपनी सफलता को सेलिब्रेट करे
    • अपने खर्चो को बेहतर तरीके से मैनेज करे
    • अपना बेस्ट देने की कोशिश करे
    • सब पर विश्वास करे किसी पर निर्भर न रहे

    अगर आप भी सफल व्यवसायी बनना चाहते है तो आप भी ये कुछ आसान टिप्स अपना सकते है.

    18 जन॰ 2017

    संस्कृत श्लोक -2-sanskrit shlok 2

    By: Successlocator On: जनवरी 18, 2017
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  • सत्येन रक्ष्यते धर्मो विद्याऽभ्यासेन रक्ष्यते । मृज्यया रक्ष्यते रुपं कुलं वृत्तेन रक्ष्यते ॥

     भावार्थ :
    धर्म का रक्षण सत्य से, विद्या का अभ्यास से, रुप का सफाई से, और कुल का रक्षण आचरण करने से होता है ।
    सत्येन धार्यते पृथ्वी सत्येन तपते रविः । सत्येन वायवो वान्ति सर्वं सत्ये प्रतिष्ठितम् ॥

     भावार्थ :
    सत्य से पृथ्वी का धारण होता है, सत्य से सूर्य तपता है, सत्य से पवन चलता है । सब सत्य पर आधारित है ।
    नास्ति सत्यसमो धर्मो न सत्याद्विद्यते परम् । न हि तीव्रतरं किञ्चिदनृतादिह विद्यते ॥

     भावार्थ :
    सत्य जैसा अन्य धर्म नहीं । सत्य से पर कुछ नहीं । असत्य से ज्यादा तीव्रतर कुछ नहीं ।
    सत्यमेव व्रतं यस्य दया दीनेषु सर्वदा । कामक्रोधौ वशे यस्य स साधुः – कथ्यते बुधैः ॥

     भावार्थ :
    'केवल सत्य' ऐसा जिसका व्रत है, जो सदा दीन की सेवा करता है, काम-क्रोध जिसके वश में है, उसी को ज्ञानी लोग 'साधु' कहते हैं ।
    सत्यमेव जयते नानृतम् सत्येन पन्था विततो देवयानः । येनाक्रमत् मनुष्यो ह्यात्मकामो यत्र तत् सत्यस्य परं निधानं ॥

     भावार्थ :
    जय सत्य का होता है, असत्य का नहीं । दैवी मार्ग सत्य से फैला हुआ है । जिस मार्ग पे जाने से मनुष्य आत्मकाम बनता है, वही सत्य का परम् धाम है ।
    सत्यं ब्रूयात् प्रियं ब्रूयात् न ब्रूयात् सत्यमप्रियम् । नासत्यं च प्रियं ब्रूयात् एष धर्मः सनातनः ॥

     भावार्थ :
    सत्य और प्रिय बोलना चाहिए; पर अप्रिय सत्य नहीं बोलना और प्रिय असत्य भी नहीं बोलना यह सनातन धर्म है ।
    नानृतात्पातकं किञ्चित् न सत्यात् सुकृतं परम् । विवेकात् न परो बन्धुः इति वेदविदो विदुः ॥

     भावार्थ :
    वेदों के जानकार कहते हैं कि अनृत (असत्य) के अलावा और कोई पातक नहीं; सत्य के अलावा अन्य कोई सुकृत नहीं और विवेक के अलावा अन्य कोई भाई नहीं ।
    अग्निना सिच्यमानोऽपि वृक्षो वृद्धिं न चाप्नुयात् । तथा सत्यं विना धर्मः पुष्टिं नायाति कर्हिचित् ॥

     भावार्थ :
    अग्नि से सींचे हुए वृक्ष की वृद्धि नहीं होती, जैसे सत्य के बिना धर्म पुष्ट नहीं होता ।
    ये वदन्तीह सत्यानि प्राणत्यागेऽप्युपस्थिते । प्रमाणभूता भूतानां दुर्गाण्यतितरन्ति ते ॥

     भावार्थ :
    प्राणत्याग की परिस्थिति में भी जो सत्य बोलता है, वह प्राणियों में प्रमाणभूत है । वह संकट पार कर जाता है ।
    सत्यहीना वृथा पूजा सत्यहीनो वृथा जपः । सत्यहीनं तपो व्यर्थमूषरे वपनं यथा ॥

     भावार्थ :
    उज्जड जमीन में बीज बोना जैसे व्यर्थ है, वैसे बिना सत्य की पूजा, जप और तप भी व्यर्थ है ।
    भूमिः कीर्तिः यशो लक्ष्मीः पुरुषं प्रार्थयन्ति हि । सत्यं समनुवर्तन्ते सत्यमेव भजेत् ततः ॥

     भावार्थ :
    भूमि, कीर्ति, यश और लक्ष्मी, सत्य का अनुसरण करनेवाले पुरुष की प्रार्थना करते हैं । इस लिए सत्य को हि भजना चाहिए ।
    सत्यं स्वर्गस्य सोपानं पारावरस्य नौरिव । न पावनतमं किञ्चित् सत्यादभ्यधिकं क्वचित् ॥

     भावार्थ :
    समंदर के जहाज की तरह, सत्य स्वर्ग का सोपान है । सत्य से ज़ादा पावनकारी और कुछ नहीं ।
    सत्येन पूयते साक्षी धर्मः सत्येन वर्धते । तस्मात् सत्यं हि वक्तव्यं सर्ववर्णेषु साक्षिभिः ॥

     भावार्थ :
    सत्य वचन से साक्षी पावन बनता है, सत्य से धर्म बढता है । इस लिए सभी वर्णो में, साक्षी ने सत्य हि बोलना चाहिए ।
    तस्याग्निर्जलमर्णवः स्थलमरिर्मित्रं सुराः किंकराः कान्तारं नगरं गिरि र्गृहमहिर्माल्यं मृगारि र्मृगः । पातालं बिलमस्त्र मुत्पलदलं व्यालः श्रृगालो विषं पीयुषं विषमं समं च वचनं सत्याञ्चितं वक्ति यः ॥

     भावार्थ :
    जो सत्य वचन बोलता है, उसके लिए अग्नि जल बन जाता है, समंदर जमीन, शत्रु मित्र, देव सेवक, जंगल नगर, पर्वत घर, साँप फूलों की माला, सिंह हिरन, पाताल दर, अस्त्र कमल, शेर लोमडी, झहर अमृत, और विषम सम बन जाते हैं ।